देश में लगातार नफरत फैलाने की कोशिशों के बीच उत्तराखंड के दीपक ने इंसानियत, भाईचारे और मोहब्बत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा है. दीपक ने हाल ही में एक घटना के दौरान साहस दिखाते हुए एक मुस्लिम बुजुर्ग की जान बचाई और खुद को दीपक मोहम्मद बताकर नफरत फैलाने वालों का डटकर सामना किया.
दीपक के इस जज्बे और हिम्मत की सराहना करते हुए झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि वह अपने चार महीने के वेतन में से ₹2 लाख दीपक को इनाम के रूप में देंगे. साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि दीपक को झारखंड बुलाकर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा.
दीपक को झारखंड सरकार करेगी सम्मानित
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि दीपक ने यह साबित कर दिया है कि भारत की असली पहचान नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी लड़ाई किसी भारतीय से नहीं, बल्कि उस सोच से है जिसने देश को बांटने की कोशिश की. दीपक ने अपने साहस से आजादी की उसी भावना को फिर से जिंदा किया है.
डॉ. अंसारी ने उस घटना का जिक्र किया, जिसमें बजरंग दल से जुड़े कुछ लोगों ने एक गरीब कपड़ा बेचने वाले पर हमला किया था. उस समय दीपक ने आगे बढ़कर एक मुस्लिम बुजुर्ग को बचाया और अकेले ही हमलावरों का सामना किया. उन्होंने कहा कि यह घटना सिर्फ एक शख्स की बहादुरी नहीं, बल्कि गंगा जमुनी तहजीब की मजबूत मिसाल है.
झारखंड बुलाकर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा
मंत्री ने कहा कि दीपक का सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का सम्मान नहीं होगा, बल्कि उस सोच का सम्मान होगा जो देश को जोड़ती है. उन्होंने कहा कि सच्चा हिंदुस्तानी नफरत नहीं फैलाता, बल्कि मोहब्बत का पैगाम देता है. दीपक आज पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं.
सत्यजीत कुमार