झारखंड की राजधानी रांची में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हटिया स्थित मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय में छापा मारा. इस दौरान CBI टीम ने चीफ कमर्शियल इंस्पेक्टर (CCI) हिमांशु शेखर को 50,000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
दरअसल, रेलवे ठेकेदार अजय त्यागी का करीब 8.50 लाख का बिल लंबे समय से पेंडिंग था. आरोप है कि इस बिल को पास कराने के बदले हिमांशु शेखर ने 50,000 की रिश्वत की मांग की थी. ठेकेदार ने इस बात की शिकायत सीबीआई से कर दी. इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई, टीम ने मौके पर ही आरोपी को दबोच लिया.
सीबीआई अब इस मामले की गहराई से जांच में जुट गई है. आरोपी अधिकारी से जुड़े सभी कार्यों और फाइलों को खंगाला जा रहा है. खास तौर पर रेलवे के इमरजेंसी कोटा (आरक्षण) से जुड़े मामलों पर एजेंसी की नजर है, जहां बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस कोटे का इस्तेमाल जरूरतमंद यात्रियों की बजाय बिचौलियों और प्रभावशाली लोगों के जरिए किया जा रहा था. सूत्रों की मानें तो इस मामले में सीनियर डीसीएम की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. सीबीआई उनसे पूछताछ कर सकती है.
सीबीआई की टीम ने डीआरएम कार्यालय का कंप्यूटर डेटा और अहम दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है. पिछले कुछ महीनों के कोटा आवंटन और टिकट कन्फर्मेशन से जुड़े रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं रेलवे कर्मियों और बाहरी एजेंटों के बीच मिलीभगत तो नहीं थी. इस कार्रवाई के बाद पूरे रेलवे जोन में हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं.
सत्यजीत कुमार