हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली इलाके में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. यहां एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग से गिरी ईंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए 14 साल के छात्र तनिष कौशल ने 11 दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया. इस घटना के बाद इलाके में निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी है.
जानकारी के अनुसार, 29 अप्रैल को तनिष कौशल स्कूल से घर लौट रहा था. इसी दौरान संजौली स्थित ‘चोपड़ा निवास’ नामक निर्माणाधीन इमारत की सातवीं मंजिल से अचानक एक ईंट नीचे आ गिरी, जो सीधे तनिष के सिर पर लगी. हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई. आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचाया, यहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाजुक बताई.
करीब 11 दिनों तक अस्पताल में इलाज चलने के बाद आखिरकार तनिष जिंदगी की जंग हार गया. बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं स्थानीय लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
घटना के बाद संजौली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी. पुलिस ने एफआईआर नंबर 27/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया. जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए. बाद में मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 भी जोड़ी गई.
पुलिस जांच में सामने आया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे. इसी आधार पर पुलिस ने शनिवार को भवन मालिक शांता लाल चोपड़ा को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी संजौली के टनल व्यू इलाके का निवासी बताया गया है. पुलिस के अनुसार, आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की जांच अभी जारी है.
अमन भारद्वाज