हिमाचल प्रदेश दौरे के अंतिम दिन शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आर्मी ट्रेनिंग कमांड (ARTRAC) मुख्यालय का दौरा किया और सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को और मजबूत करने का आह्वान किया. राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए और अधिक उत्साह व समर्पण के साथ कार्य जारी रखना चाहिए. अपने पांच दिवसीय हिमाचल प्रदेश दौरे के समापन से पहले उन्होंने शिमला स्थित मुख्यालय में अधिकारियों से मुलाकात की और सेना की तैयारियों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की.
सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने आर्मी ट्रेनिंग कमांड के विकास, भूमिका और प्रमुख कार्यों की विस्तृत जानकारी दी. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति ने सभी रैंकों और रक्षा नागरिकों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की और उन्हें और अधिक जोश के साथ कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया. इस अवसर पर उनका स्वागत कविंदर गुप्ता और लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने किया.
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लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने राष्ट्रपति को ड्रोन प्रशिक्षण, नई तकनीकों को अपनाने, ‘रेड टीमिंग’ की अवधारणा और सेना में डिजिटलीकरण व ऑटोमेशन से जुड़ी पहल की जानकारी दी. मंत्रालय ने बताया कि ARTRAC भारतीय सेना के लिए युद्ध संबंधी अवधारणाएं तैयार करने और संसाधन विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
ARTRAC की भूमिका और नई पहलें
राष्ट्रपति ने कहा कि ARTRAC की भूमिका व्यापक है और यह भारतीय सेना के लिए युद्ध रणनीतियों के विकास में अहम योगदान देता है. उन्होंने बताया कि यह कमांड मित्र देशों और अन्य सेनाओं के साथ सहयोग को भी बढ़ावा देता है. इसे सैन्य गौरव, आत्मनिर्भरता और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया.
ARTRAC अपने 32 प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से भारतीय सेना में पेशेवर कौशल को मजबूत करता है. यह सेना को युद्ध कला और विज्ञान के आधुनिक दृष्टिकोण प्रदान करता है, जिससे सेना की क्षमता और रणनीतिक सोच को नई दिशा मिलती है.
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर सेना की तैयारियों और भविष्य की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है और इससे सेना की क्षमता और मजबूत होगी.
दौरे का समापन और विदाई समारोह
दौरे के अंत में राष्ट्रपति को एनाडेल हेलीपैड पर औपचारिक विदाई दी गई. इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, डीजीपी अशोक तिवारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
राष्ट्रपति के दौरे में कई कार्यक्रम शामिल थे, लेकिन खराब मौसम के कारण वह शिमला तक ही सीमित रहीं. उनके इस दौरे को सेना और राज्य प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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