हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के कारण 104 सड़कें और तीन राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गए हैं. प्रशासन की जानकारी के अनुसार, लाहौल और स्पीति में 99 सड़कें, कुल्लू में तीन, चंबा और कांगड़ा में एक-एक सड़कें बंद हो गई हैं. हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि कांगड़ा में बारिश के कारण एक पुल बह गया है. वहीं नए पुल का निर्माण इस महीने के अंत होने के आसार हैं. इसके अलावा मनाली-केलांग राजमार्ग पर सिस्सू के पास सेल्फी प्वाइंट पर भारी भूस्खलन के कारण केलांग के लिए वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है.
हिमाचल प्रदेश में जारी हुआ येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में 22 और 23 अप्रैल को अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने के साथ आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है. वहीं आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश भर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है.
इस सप्ताह की शुरुआत में जारी आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, जून से सितंबर तक मौसमी बारिश सामान्य से अधिक होने की उम्मीद है. हालांकि, मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्ट सिस्टम (MMCFS) और अन्य जलवायु मॉडल के नवीनतम अनुमान मॉनसून सीजन के शुरुआती भाग में एल नीनो स्थिति को कमजोर करके एल नीनो दक्षिणी दोलन (ENSO) स्थितियों को तटस्थ करने का सुझाव देते हैं.
IMD ने बताया कि 2024 में 106% यानी 87 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है. 4 महीने के मानसून सीजन के लिए लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) 868.6 मिलीमीटर यानी 86.86 सेंटीमीटर होता है यानी मानसून सीजन में कुल इतनी बारिश होनी चाहिए.
इसके अलावा आईएमडी का कहना है कि पिछले तीन महीनों (जनवरी से मार्च 2024) के दौरान उत्तरी गोलार्ध में बर्फ का आवरण सामान्य से नीचे रहा है. बर्फ के आवरण की सीमा में मानक से इस तरह का विचलन आगामी मानसून सीजन सहित मौसम के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है.
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