हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि प्रदेश के राज्यपाल ने अगर अपने काफिले में वाहनों की कटौती की है तो यह स्वागत योग्य कदम है, लेकिन प्रदेश सरकार पहले से ही बहुत से संसाधनों में कटौती करके आगे बढ़ रही है. मंडी में नगर निगम चुनावों के प्रचार के दौरान बातचीत में सीएम सुक्खू ने कहा कि वे खुद इलेक्ट्रिक कार में सफर करते हैं, जो काफी छोटी है और उसका खर्च पेट्रोल से भी कम है.
उन्होंने अपने काफिले के अलावा मंत्रियों के काफिलों में भी पहले से कटौती कर रखी है. इसके अलावा मंत्रियों के वेतन में 30 प्रतिशत, जबकि विधायकों के वेतन में 20 प्रतिशत की अस्थाई कटौती की गई है. सरकार के इन्हीं प्रयासों से प्रदेश आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता की तरफ आगे बढ़ रहा है.
सीएम सुक्खू ने विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने अपने शासनकाल में फिजूलखर्ची कर प्रदेश की संपदा को लुटाने का काम किया है. हजारों करोड़ के भवन खड़े कर दिए गए, जिनका आज कोई लाभ किसी को नहीं मिल रहा है. अब भाजपा सत्ता में आने के सपने देख रही है. लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि इसके लिए जनता की कसौटी पर खरा उतरना पड़ता है.
यह भी पढ़ें: PM मोदी के दो गाड़ी के काफिले को मुंह चिढ़ा रहा सम्राट चौधरी की दो दर्जन गाड़ियों का काफिला
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हिमाचल के लिए 1500 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा करके गए थे, जोकि प्रदेश को आज दिन तक नहीं मिला. इस विषय पर किसी भी भाजपा नेता ने कभी बात नहीं की. हम बोलते हैं और अपना हक लाकर दिखाते हैं. प्रदेश सरकार लगातार आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास कर रही है, जिसके जल्द सार्थक परिणाम नजर आएंगे.
शिमला के कमला नेहरू अस्पताल से गायनी वार्ड को शिफ्ट करने पर हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर सीएम सुक्खू ने कहा कि यह कोई बड़ा विषय नहीं है. गायनी वार्ड को आईजीएमसी में इसलिए शिफ्ट किया गया था, ताकि वहां पर रोबोटिक सर्जरी हो सके. यह सब डॉक्टरों की मांग पर ही किया गया था, क्योंकि गायनी में रोबोटिक सर्जरी के बहुत फायदे हैं. अब कुछ लोग इस फैसले के विरुद्ध कोर्ट गए हैं. कोर्ट के फैसले का सरकार स्टडी करेगी.
aajtak.in