हरियाणा के सोनीपत जिले के गनौर क्षेत्र से दोस्ती के रिश्ते को कलंकित कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां गांव बेगा में रहने वाले सोनू नाम के युवक की उसके ही दोस्तों ने मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी और बाद में उसके शव को यमुना नदी के किनारे गड्ढा खोदकर दबा दिया. यह मामला तब उजागर हुआ जब कई दिनों तक सोनू घर नहीं लौटा और परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत पुलिस से की. जांच के दौरान सच्चाई सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया.
जानकारी के अनुसार गांव बेगा निवासी सोनू, जिस पर पहले से गनौर थाने में कई मुकदमे दर्ज थे, 12 जनवरी को घर से दवाई लेने की बात कहकर निकला था. उस दिन सोनू अपने कुछ दोस्तों के साथ बैठकर शराब पी रहा था. शराब के नशे में आपसी कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई. आरोप है कि इसी दौरान कई दोस्तों ने मिलकर सोनू की बेरहमी से हत्या कर दी.
दोस्त ने दोस्त को उतारा मौत के घाट
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए सोनू के शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची. इसके तहत यमुना नदी के किनारे एक गड्ढा खोदा गया और सोनू के शव को वहां दफना दिया गया. इसके बाद सभी आरोपी सामान्य जीवन जीने लगे, ताकि किसी को शक न हो. इधर सोनू के घर न लौटने पर परिजन लगातार परेशान होते रहे.
जब दो दिन तक सोनू घर नहीं पहुंचा तो उसके परिजनों ने गनौर थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की. शुरुआत में यह एक सामान्य गुमशुदगी का मामला लग रहा था, लेकिन जैसे जैसे पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया, मामला गंभीर होता चला गया.
दवाई लेने निकला सोनू कई दिनों तक नहीं लौटा
जांच के दौरान पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली, जिसके आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने सोनू के दोस्त फिरोज को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान फिरोज पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा और सोनू के बारे में अनभिज्ञता जताता रहा. लेकिन जब क्राइम ब्रांच ने सख्ती दिखाई और उसके सामने कुछ पुख्ता सबूत रखे, तो वह टूट गया और उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया.
फिरोज ने पुलिस को बताया कि 12 जनवरी को सभी दोस्तों ने मिलकर शराब पी थी. नशे की हालत में कहासुनी हुई और गुस्से में आकर सोनू पर हमला कर दिया गया. उसने यह भी बताया कि हत्या के बाद शव को यमुना किनारे गड्ढा खोदकर दफना दिया गया था, ताकि किसी को इसकी भनक न लगे.
पोस्टमार्टम में सिर और गले पर चोट के निशान
फिरोज की निशानदेही पर पुलिस टीम उसे लेकर यमुना नदी के किनारे पहुंची. वहां वह पहले पुलिस को इधर उधर गुमराह करता रहा और शव की सही जगह बताने से बचता रहा. हालांकि पुलिस की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार सोनू का शव बरामद कर लिया गया. शव को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया.
पुलिस द्वारा शव बरामद किए जाने के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया. परिजनों ने इस हत्याकांड में एक या दो नहीं बल्कि दस से ज्यादा लोगों के शामिल होने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि सोनू की हत्या साजिश के तहत की गई है और सभी आरोपियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
परिजनों का आरोप, इस हत्याकांड में दस से ज्यादा लोग शामिल
इस मामले में एसीपी गनौर ऋषिकांत ने जानकारी देते हुए बताया कि 14 जनवरी को गांव बेगा निवासी मोनू ने सोनू की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की. जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि सोनू की हत्या कर उसका शव यमुना में दफना दिया गया था.
एसीपी ने बताया कि फिरोज नाम के युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसी की निशानदेही पर सोनू का शव बरामद किया गया है. शव के सिर और गले पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे प्रतीत होता है कि किसी तेज हथियार से वार कर उसकी हत्या की गई है. पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पवन राठी