हरियाणा के नूंह-मेवात में हिंसा के बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. अब तक 216 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 83 लोग हिरासत में हैं. होटल-रेस्टोरेंट, शोरूम सहित कई ऐसे निर्माण ढहाए गए हैं, जहां से पत्थरबाजी की गई थी. इस बीच अब मेवात के एसपी नरेंद्र बिजारनिया ने सख्त लहजे में दंगाइयों को हिदायत दी है कि वह या तो चुपचाप पुलिस स्टेशन चले आएं या फिर कोर्ट में सरेंडर कर दें. अगर पुलिस को उन्हें ढूंढने के लिए रेड करनी पड़ी तो इसके नतीजे गंभीर होंगे.
मेवात के बिछौर इलाके में सरपंचों के साथ मीटिंग करते हुए एसपी बिजारनिया ने दंगाइयों को खुला चैलेंज देते हुए कहा,'गांव के जितने सरपंच हैं, उन सभी को पता है कि कौन-कौन लड़के उस दिन गए थे. कौन दोषी है और लड़के किस गांव से आए थे.' एसपी ने आगे कहा,'मुझे पहेलियां बुझाना नहीं आता है. आरोपियों को कान पकड़कर ले आओ. अगर मैं अपनी मर्जी से लेकर आया तो एक को भी नहीं छोड़ने वाला, क्योंकि सबके फोटो और वीडियो मेरे पास हैं.'
चाहे कितनी भी रेड करनी पड़ जाए...
सरपंचों से बात करते हुए एसपी बिजारनिया ने यह भी कहा,'अगर मैं आरोपियों को लाया तो अपने ही तरीके से लेकर आऊंगा. लाना मुझे आता है. चाहे कितनी रेड करनी पड़ जाए. भले ही कितने भी साल मेवात में एसपी रहना पड़े, लेकिन अगर मैं केस देख रहा हूं तो पुराने केसों की तरह इस केस को भी अंजाम तक पहुंचाउंगा.'
थाने पहुंचे या कोर्ट में सरेंडर करें
एसपी ने कहा,'जो दोषी है, उसका फरार होना अच्छा है. लेकिन वह थाने पहुंच जाए या कोर्ट में सरेंडर कर दे. अगर मैं पकड़कर लाऊंगा तो पूरा ट्रीटमेंट करूंगा. मैं किसी से रिक्वेस्ट नहीं कर रहा हूं कि वो सरेंडर कर दे. क्योंकि हमें पकड़ना आता है और हम पकड़कर लाएंगे भी. हरियाणा पुलिस अपराधियों की धरपकड़ करना अच्छे से जानती है.'
निर्दोष को नहीं किया जाएगा परेशान
हालांकि, सख्ती दिखाने के बाद एसपी ने गांव लोगों को इस बात की भी गारंटी दी कि पुलिसिया एक्शन में कोई निर्दोष व्यक्ति परेशान नहीं होगा. उन्होंने कहा,'मैं गारंटी देता हूं कि किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा और ना ही पकड़ा जाएगा. निर्दोष लोगों को कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है, वे घर बैठे अपना काम करते रहें, लेकिन जो दोषी है वह किसी कीमत पर नहीं बचेगा.'
31 जुलाई को नूंह में हुई थी हिंसा
हरियाणा के मेवात-नूंह में 31 जुलाई को बृजमंडल यात्रा निकाली गई थी. इसी दौरान यात्रा पर पथराव हो गया था. देखते ही देखते यह दो समुदायों में हिंसा में बदल गई. सैकड़ों कारों को आग लगा दी गई. साइबर थाने पर भी हमला किया गया. उपद्रवियों ने पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया था. नूंह के बाद सोहना में भी पथराव और फायरिंग हुई. वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. इसके बाद हिंसा की आग नूंह से फरीदाबाद-गुरुग्राम तक फैल गई. नूंह हिंसा में दो होमगार्ड समेत 6 लोगों की मौत हुई है.
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस हिंसा में शामिल आरोपियों की तलाश में जुटी है. लगातार अलग अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है. अब तक 56 FIR दर्ज की गई हैं. 216 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 8 लोग पड़ोसी राजस्थान के भरतपुर-अलवर से गिरफ्तार किए गए हैं.
अरविंद ओझा