गुरुग्राम पुलिस ने एक बैंक ऋण वसूली एजेंसी के कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. एक एजेंसी के मुताबिक गिरोह के लोग लोगों को गाली-गलौज, अश्लील वॉयस नोट भेजते थे. साथ ही बार-बार ऑटो कॉल करके परेशान भी कर रहे थे. छापेमारी के दौरान 7 महिलाओं और कॉल सेंटर संचालक समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने बताया कि परिसर से 10 मोबाइल फोन, 26 सिम कार्ड, एक डायलर मशीन और एक लैपटॉप भी बरामद किया गया. यह कार्रवाई 12 सितंबर को एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई. जिसमें लोन वसूली के लिए अलग-अलग नंबरों से गाली-गलौज, अभद्र भाषा और बार-बार ऑटो कॉल करके परेशान करने का आरोप लगाया गया था.
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शिकायत के आधार पर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन (पूर्व) में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. जांच के दौरान पुलिस टीम ने मंगलवार को दिल्ली के डाबड़ी स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारा. इस दौरान पुलिस गैंग के गज़ाला प्रवीण (20), ईशा वर्मा (24), कहकशा बानो (26), मौरिस सिन्हा (26), मुकेश चौहान (35), रीना बिष्ट (28), रोशनी (27) और रोज़ी (23) को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने बताया कि संचालक मुकेश चौहान पिछले दो सालों से बैंक लोन वसूली के लिए कॉल सेंटर चला रहा था. सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) प्रियांशु दीवान ने कहा कि आरोपी बार-बार ऋण न चुकाने वालों या उनके रिश्तेदारों को फोन करते थे. साथ ही गंदी भाषा का इस्तेमाल करते थे और अश्लील वॉइस नोट भेजते थे.
इसका जो लोग विरोध करते थे, उन्हें अलग-अलग नंबरों से ऑटो कॉल के ज़रिए परेशान किया जाता था. अधिकारी ने बताया कि मुकेश ने खुलासा किया कि उसे ऋण वसूली के लिए बैंक से 17 प्रतिशत कमीशन मिलता था. जिसमें से 3 प्रतिशत महिला कर्मचारियों को दिया जाता था. साथ ही 15000 रुपये का मासिक वेतन भी दिया जाता था. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है.
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