'मम्मी आखिरी बार देख लो, शायद फिर न दिखूं.' 169 भारतीयों को वार जोन से बचा लाई देश की बेटी

फरीदाबाद की पायलट दीपिका अधाना ने युद्ध जैसे हालात के बीच साहसिक मिशन को अंजाम देते हुए यूएई से 169 भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने में अहम भूमिका निभाई. एयर इंडिया एक्सप्रेस की इस ऑल-वुमन क्रू ने रेस्क्यू फ्लाइट के जरिए यात्रियों को सुरक्षित दिल्ली पहुंचाया. दीपिका ने बताया कि अचानक मिले आदेश के बाद उन्होंने टीम के साथ यह चुनौतीपूर्ण उड़ान भरी.

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 युद्ध जैसे हालात में पायलट दीपिका ने भरी उड़ान (Photo: Screengrab) युद्ध जैसे हालात में पायलट दीपिका ने भरी उड़ान (Photo: Screengrab)

सचिन गौड़

  • फरीदाबाद,
  • 11 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:15 PM IST

हरियाणा के फरीदाबाद की पायलट दीपिका अधाना ने साहस और जिम्मेदारी की मिसाल पेश करते हुए युद्ध जैसे हालात के बीच संयुक्त अरब अमीरात से 169 भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) की इस रेस्क्यू फ्लाइट में पूरी क्रू टीम महिलाएं थीं.

दीपिका अधाना ने बताया कि 6 मार्च को अचानक उन्हें रेस्क्यू मिशन के तहत यूएई के रास अल खैमाह एयरपोर्ट जाने का आदेश मिला. इससे पहले इस फ्लाइट में उनकी एक पायलट दोस्त को जाना था, लेकिन उड़ान से करीब दो घंटे पहले उन्हें इस मिशन में शामिल होने का निर्देश मिला.

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युद्ध जैसे हालात के बीच ऑल-वुमन क्रू ने भरी रेस्क्यू फ्लाइट

दीपिका के अनुसार जब उन्होंने परिवार को बताया कि उन्हें युद्ध जैसे हालात वाले क्षेत्र में उड़ान भरने जाना है, तो परिवार ने उन्हें रोकने के बजाय हिम्मत से काम लेने की सलाह दी. उन्होंने भावुक होकर परिवार से कहा था, 'मम्मी-चाचू आखिरी बार देख लो, शायद फिर न दिखूं.'

इस रेस्क्यू ऑपरेशन में कुल छह महिलाएं शामिल थीं, जिनमें कैप्टन जसविंदर कौर, पायलट दीपिका अधाना और चार महिला क्रू मेंबर थीं. दीपिका ने बताया कि युद्ध के माहौल के कारण क्रू मेंबर के मन में थोड़ा डर जरूर था, लेकिन उन्हें सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया गया था.

फ्लाइट दोपहर करीब दो बजे यूएई के रास अल खैमाह एयरपोर्ट पर उतरी. वहां माहौल अपेक्षाकृत शांत था और किसी तरह की अफरा-तफरी नहीं दिखी. करीब एक घंटे के भीतर 169 भारतीय यात्रियों को विमान में बैठाया गया और दोपहर साढ़े तीन बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी गई.

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23 साल की पायलट दीपिका अधाना ने दिखाई बहादुरी

दीपिका ने बताया कि उड़ान के दौरान कुछ समय के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया था, जिससे थोड़ी चिंता जरूर हुई. हालांकि कुछ ही देर बाद संपर्क बहाल हो गया और फ्लाइट सुरक्षित दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशल एयरपोर्ट पर (Indira Gandhi International Airport) पर उतरी.

दिल्ली पहुंचने के बाद यात्रियों ने विमान से उतरते समय पूरी टीम का आभार जताया. दीपिका ने बताया कि बचपन से ही उनके दादा अमृत सिंह अधाना चाहते थे कि वह पायलट बनें. परिवार के सहयोग से उन्होंने यह सपना पूरा किया और आज एक जिम्मेदार पायलट के रूप में देश की सेवा कर रही हैं.

दीपिका ने 2020 में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया और 2024 में एयर इंडिया एक्सप्रेस से जुड़ गईं.


 

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