फरीदाबाद: 10वीं में 68% अंक पाने से टूटी उम्मीद, चलती ट्रेन के आगे कूदकर छात्रा ने दी जान

फरीदाबाद में 10वीं की छात्रा ने कम नंबर आने से परेशान होकर चलती ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी. छात्रा 36 घंटे से लापता थी और पुलिस उसे जिंदा नहीं ढूंढ सकी. बाद में मेवला महाराजपुर रेलवे ट्रैक के पास शव मिला. परिवार का आरोप है कि उसे 80% की उम्मीद थी, लेकिन 68% अंक आने से वह सदमे में थी.

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रिजल्ट का दबाव बना मौत का कारण!(Photo: Representational) रिजल्ट का दबाव बना मौत का कारण!(Photo: Representational)

सचिन गौड़

  • फरीदाबाद,
  • 17 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:10 PM IST

हरियाणा के फरीदाबाद से बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 10वीं कक्षा में अपेक्षा से कम अंक आने से परेशान एक छात्रा ने चलती ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. छात्रा करीब 36 घंटे से लापता थी, लेकिन पुलिस उसे जिंदा तलाशने में सफल नहीं हो सकी. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और परिवार सदमे में है.

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मृतक छात्रा पल्ला इलाके की रहने वाली थी और एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ती थी. उसकी मां के मुताबिक, छात्रा पढ़ाई में अच्छी थी और उसने इस साल 10वीं की परीक्षा दी थी. परीक्षा के बाद वह लगातार कहती थी कि उसके कम से कम 80 प्रतिशत अंक जरूर आएंगे.

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बुधवार को जब CBSE का रिजल्ट जारी हुआ, तब उसने घर में किसी को अपने परिणाम के बारे में नहीं बताया. दिनभर वह अपने दोस्तों से बातचीत करती रही और शाम को मां से पैसे लेकर करीब 7 बजे यह कहकर घर से निकली कि वह मोमोज खाने जा रही है, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटी.

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तलाश के 36 घंटे, पुलिस रही नाकाम

छात्रा देर रात तक घर नहीं लौटी तो परिवार ने पड़ोसियों के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू की. आसपास हर जगह खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार ने मामले की सूचना पल्ला थाना पुलिस को दी.

बुधवार रात से लेकर गुरुवार पूरे दिन और रात तक पुलिस उसे खोजती रही, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली. शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे तक भी छात्रा का कोई पता नहीं चल पाया.

इसके बाद करीब ढाई बजे साइबर पुलिस थाने से परिवार को फोन आया कि एक बच्ची का शव मेवला महाराजपुर रेलवे ट्रैक के पास मिला है और पहचान के लिए रेलवे पुलिस थाने आने को कहा गया.

पिता ने देखा शव, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सूचना मिलते ही छात्रा के पिता रेलवे पुलिस थाने पहुंचे. वहां जब उन्होंने शव की पहचान की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. इकलौती बेटी की मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया और पिता फफक पड़े.

बाद में परिवार को पता चला कि छात्रा के 68 प्रतिशत अंक आए थे, जबकि उसे 80 प्रतिशत की उम्मीद थी. मां ने कहा कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि कम अंक आने की बात वह इतनी गंभीरता से ले लेगी.

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परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि 36 घंटे तक पुलिस उनकी बेटी को तलाश नहीं कर पाई.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

इस मामले में रेलवे पुलिस के जांच अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है. उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह घटना कब हुई. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. यह घटना परीक्षा परिणाम के दबाव और मानसिक तनाव के गंभीर पहलू को सामने लाती है.

नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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