जानिए कौन हैं युवराज सिंह जडेजा? जिनकी एक आवाज पर हजारों छात्र हो जाते हैं इकट्ठा, अब हुए गिरफ्तार

युवराज सिंह को ऐसे वक्त पर गिरफ्तार किया गया, जब वे छात्रों के साथ आंदोलन कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि विद्या सहायक कैंडिडेट्स का पिछले 3-4 दिन से धरना जारी है. प्रदर्शनकारी विधानसभा के गेट पर प्रदर्शन करते हैं. हमारी ओर से उनसे कई बार कहा गया है कि वह उचित स्थान पर अपनी बात रखें. लेकिन प्रदर्शनकारियों की ओऱ से पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है.

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युवराज सिंह जडेजा युवराज सिंह जडेजा

गोपी घांघर

  • अहमदाबाद,
  • 07 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 1:32 AM IST
  • युवराज सिंह पर पुलिस के साथ हाथापाई करने का आरोप
  • पुलिस ने जारी किया वीडियो
  • छात्रों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे युवराज सिंह

गुजरात में बेरोज़गारों के लिए आंदोलन कर पेपर लीक का मुद्दा उठाने वाले युवराज सिंह जडेजा को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया. युवराज सिंह को पुलिस के साथ हाथापाई करने, धक्का देने और भागने का प्रयास करने और पुलिस की गाड़ी में टक्कर मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने युवराज सिंह का पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश करने का वीडियो भी जारी किया है. युवराज सिंह को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया. इसके बाद उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया गया है.

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कौन हैं युवराज सिंह जडेजा?

युवराज सिंह जाडेजा गुजरात के सौराष्ट्र के रहने वाले हैं. कुछ साल पहले वे गांधीनगर आए थे और सरकारी भर्ती परीक्षाओं के छात्रों को कोचिंग देने लगे. इसके जरिये जडेजा ने सरकारी भर्ती परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच अपनी एक खास जगह बना ली. 2019 में गुजरात में BIN सचिवालय क्लर्क की भर्ती परीक्षा हुई. भर्ती परीक्षा में लाखों लोगों ने आवेदन दिया, लेकिन पेपर लीक हो गया. इन युवाओं की ओर से लड़ने के लिए युवराज सिंह जडेजा सामने आए. उन्होंने छात्रों से गांधीनगर में इकट्ठा होने की अपील की.

उनकी एक आवाज पर छात्रों ने गांधीनगर की ओर कूच कर दिया. छात्र सड़कों पर उतर आए. उनकी मांग थी कि बिन सचिवालय क्लर्क की भर्ती परीक्षा को रद्द किया जाए. लेकिन गुजरात की भाजपा सरकार ने इस आंदोलन को इतनी गंभीरता से नहीं लिया. लेकिन कुछ दिन बाद ही आंदोलन बड़ा हो गया. ऐसे में  तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की सरकार को झुकना पड़ा. बिन सचिवालय क्लर्क की भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया गया. आंदोलनकारी युवराज सिंह की ये पहली जीत थी. खास बात ये रही कि युवराज सिंह ने इस आंदोलन को राजनीति से दूर रखा. 

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आंदोलन कर रहे थे युवराज सिंह?

युवराज सिंह को ऐसे वक्त पर गिरफ्तार किया गया, जब वे छात्रों के साथ आंदोलन कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि विद्या सहायक कैंडिडेट्स का पिछले 3-4 दिन से धरना जारी है. प्रदर्शनकारी विधानसभा के गेट पर प्रदर्शन करते हैं. हमारी ओर से उनसे कई बार कहा गया है कि वह उचित स्थान पर अपनी बात रखें. लेकिन प्रदर्शनकारियों की ओऱ से पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है. लिहाजा 55 लोगों के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया है.

वहीं, गांधीनगर के एसपी मयूर चावड़ा ने कहा कि इस मामले में मीडिया के सामने सुबूत पेश करेंगे कि युवराज सिंह द्वारा पुलिस पर असॉल्ट किया गया है. उसने पुलिस पर गाड़ी चढ़ाई है. पुलिस के साथ हाथापाई की है. जैसे-जैसे इस मामले में सुबूत मिलते जाएंगे, धाराएं बढ़ाई जाएंगी.

 

 

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