इन दिनों जब बॉलीवुड की फिल्म धुरंधर का किरदार 'रहमान डकैत' चर्चा में है, उसी नाम का एक असली और बेहद खतरनाक अपराधी सूरत में धर लिया गया. नाम है राजू ईरानी उर्फ आबिद अली उर्फ रहमान डकैत... भोपाल के कुख्यात 'ईरानी डेरा' का सरगना, जिसकी तलाश देश के छह से ज्यादा राज्यों की पुलिस कर रही थी. सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे उस वक्त दबोच लिया, जब वह शहर में किसी बड़ी वारदात की फिराक में था.
कहानी शुरू होती है एक खुफिया सूचना से. सूरत क्राइम ब्रांच के पुलिस इंस्पेक्टर जेएन गोस्वामी और उनकी टीम को खबर मिली कि भोपाल का कुख्यात अपराधी, जिसे लोग 'रहमान डकैत' के नाम से जानते हैं, सूरत में घुस चुका है. जानकारी पक्की थी... वह यहां किसी को निशाना बनाने की तैयारी में था. टीम हरकत में आई और कुछ ही घंटों में उस क्रिमिनल को पकड़ लिया गया, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छह राज्यों की पुलिस महीनों से भटक रही थी.
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डीसीपी भावेश रोज़िया बताते हैं कि यह कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक पूरा क्राइम नेटवर्क चलाने वाला मास्टरमाइंड है. उसका असली नाम अब्बास अली, लेकिन अपराध की दुनिया में वह राजू ईरानी और रहमान डकैत के नाम से कुख्यात है. वह भोपाल के ईरानी डेरा इलाके से अपना साम्राज्य चलाता है... एक ऐसा इलाका, जहां उसके नेटवर्क का आना-जाना लगा रहता है.
राजू ईरानी के अंडर में छह से ज्यादा गैंग काम करते हैं, और ये गैंग 14 से ज्यादा राज्यों में फैले हुए हैं. कहां चोरी होगी, किस राज्य में किस गैंग को भेजा जाएगा, कौन सी वारदात करनी है... सब कुछ राजू ईरानी ही तय करता था.
उसका नेटवर्क इतना संगठित था कि हर गैंग को अलग-अलग काम सौंपे जाते थे. कोई गैंग सीनियर सिटीजन को टारगेट करता, तो कोई पुलिस या CBI बनकर लोगों से गहने और कैश ठगता. कहीं बैरिकेडिंग लगाकर नकली चेकिंग होती, तो कहीं जमीन पर कब्जा किया जाता.
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हथियारों के साथ घूमना और डर के दम पर वसूली करना इस गैंग की पहचान थी. पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ 10 से ज्यादा गंभीर केस दर्ज हैं... इनमें लूट, डकैती, ठगी, अवैध कब्जा और हथियारों से जुड़े अपराध शामिल हैं.
आलीशान जिंदगी का शौक
अपराध से कमाया पैसा राजू ईरानी और उसके भाई जाकिर अली शौक में उड़ाते थे. लग्जरी कार, महंगी बाइक और यहां तक कि घोड़े तक पाल रखे थे. खुद फील्ड में कम उतरते, लेकिन अपने गुर्गों के जरिए हर वारदात को अंजाम दिलवाते थे. चोरी का माल कहां बेचना है, किसे छुड़वाना है... सब वही तय करता था.
डीसीपी ने कहा कि भोपाल में किसी साबिर नाम के व्यक्ति ने पुलिस को इस गैंग की सूचना दी थी. बदले में राजू ईरानी और उसके भाई जाकिर ने उसे घर के अंदर जिंदा जलाने की कोशिश की. यह मामला हीनियस क्राइम यानी जघन्य अपराध की कैटेगरी में आता है और इसमें भी वह आरोपी है.
भोपाल से सूरत तक की भागदौड़
दिसंबर के आखिरी हफ्ते में भोपाल पुलिस ने इरानी डेरा में बड़ा कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया था. 150 से ज्यादा लोगों की जांच में 34 संदिग्ध पकड़े गए, जिनमें महिलाएं भी थीं. लेकिन राजू ईरानी वहां से फरार हो गया था. महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में घूमता हुआ वह आखिरकार सूरत पहुंचा... शायद एक और बड़ी वारदात की तैयारी में था. लेकिन इस बार सूरत क्राइम ब्रांच की सतर्कता ने उसे वक्त रहते दबोच लिया.
राजू ईरानी फिलहाल सूरत क्राइम ब्रांच की हिरासत में है. उससे पूछताछ चल रही है और अलग-अलग राज्यों की पुलिस उससे जुड़ी फाइलें खंगाल रही है. फिल्मी नाम, असली अपराधी और खौफनाक नेटवर्क... इस रहमान डकैत की देश के छह राज्यों को तलाश थी, वह गिरफ्त में है.
संजय सिंह राठौर