सूरत शहर की एसओजी टीम और सूरत महानगरपालिका के खाद्य और सुरक्षा विभाग ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर पांडेसरा इलाके में चल रही एक संदिग्ध पनीर बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. मौके से 1401 किलो पनीर और मशीनरी सहित कुल 28 लाख रुपये का माल जब्त किया है. त्योहारों के समय इतनी बड़ी मात्रा में अस्वास्थ्यकर पनीर पकड़े जाने से हड़कंप मच गया है.
सूरत शहर एसओजी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पांडेसरा इलाके की भीड़भंजन सोसाइटी प्लॉट नंबर-278 में अवैध रूप से और लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हुए पनीर बनाया जा रहा है.
इस सूचना के आधार पर SOG की टीम ने फूड सेफ्टी ऑफिसर जे.एस. देसाई और टीएस पटेल को साथ लेकर संयुक्त छापेमारी की थी. जांच के दौरान फेक्ट्री से भारी मात्रा में बिना ब्रांड वाला खुला (लूज) पनीर मिला, जिसे देखकर अधिकारी भी दंग रह गए थे.
पुलिस टीम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों की संयुक्त तलाशी के दौरान संदिग्ध पनीर 1401 किलो बरामद हुआ है जिसकी बाजार मूल्य लगभग 3 लाख 8220 रुपये है.
कैसे तैयार होता था 'जहरीला पनीर'?
इसके अलावा आधुनिक पाश्चराइज मशीन, होमोजेनाइजर और स्टोरेज प्लांट भी मिला है जिसकी लगभग 25 लाख कीमत है. यही नहीं, पामोलिन तेल के 28 खाली और 16 भरे हुए डिब्बे, साथ ही एसिटिक एसिड केन बरामद किए हैं.
इस छापेमारी के दौरान कारखाने का संचालक महेश कुमार शर्मा मौजूद मिला था, वह मूल रूप से उदयपुर (राजस्थान) का रहने वाला है और वर्तमान में अलथाण के केशव हाइट्स में रहता है.
ब्रांडिंग का झांसा
पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह पिछले 2 साल से यह काम कर रहा है. वह रोजाना करीब 400 किलो पनीर बनाकर शहर की अलग-अलग डेयरियों में थोक और खुदरा भाव में बेचता था.आरोपी पनीर बनाकर उस पर 'NON BRAND LOOS ANALOGUE PANEER' के स्टिकर लगाता था.
₹220 किलो का रेट
मौके से ऐसे 3000 स्टिकर और 1000 प्लास्टिक की थैलियां बरामद हुई हैं. वह इस पनीर को मात्र 220 रुपए प्रति किलो के भाव से बेचता था. शुद्ध पनीर की तुलना में कम दाम होने के कारण कई लोग और डेयरी संचालक इसके झांसे में आ जाते थे.
खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके से पनीर के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए लैब में भेज दिए है. फिलहाल पूरे जत्थे को सील कर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, यदि लैब रिपोर्ट में पनीर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया जाता है, तो संचालक के खिलाफ फूड सेफ्टी एक्ट के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
सूरत पुलिस की एसओजी के डीसीपी राजदीप सिंह नकुम ने बताया कि होली के त्यौहार के मद्देनज़र, सूरत पुलिस ने नकली पनीर के उत्पादन और वितरण के खिलाफ एक अहम कार्रवाई की है. लगभग 1400 किलो नकली पनीर जब्त किया गया है.
मुख्य आरोपी महेश शर्मा है पिछले दो साल से इस अवैध व्यापार में लिप्त था. भीड़ भंजन सोसाइटी, पांडेसरा, सूरत से जब्त किए गए नकली पनीर और कच्चा माल का कुल मूल्य लगभग 28 लाख आंका गया है.
नामी डेयरियों का कनेक्शन
आरोपी यह नकली पनीर शहर की डेयरियों में सप्लाई करता था, जिनमें धर्मराज डेयरी, राधेश्याम डेयरी, ओम साईं डेयरी, राजकमल डेयरी शामिल हैं.
वह प्रतिदिन लगभग 400 किलो पनीर तैयार करता था और इसे 220 प्रति किलो की दर से फुटकर में बेचता था. जांच में सामने आया है कि इस 'पनीर' को बनाने में पामोलिन ऑयल, एसिड और दूध का पाउडर चीजों का उपयोग किया जा रहा था.
संजय सिंह राठौर