प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के तहत ट्रेड शो और प्रदर्शनी का उद्घाटन किया. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने सम्मेलन को संबोधित भी किया. पीएम मोदी ने कहा, '2026 में यह मेरा गुजरात का पहला दौरा है. मेरी यात्रा की शुरुआत सोमनाथ दादा के चरणों में सिर झुकाकर हुई है.'
'हर तरफ गूंज रहा विकास के साथ विरासत का मंत्र'
प्रधानमंत्री ने कहा, 'गुजरात में विकास के साथ विरासत का मंत्र हर जगह गूंज रहा है. यह केवल एक समिट नहीं है, बल्कि 21वीं सदी में विकास की उस यात्रा को दिखाता है जो कभी एक सपने के रूप में शुरू हुई थी और आज देश और दुनिया के भरोसे में बदल चुकी है.'
उन्होंने कहा, 'पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 10 आयोजन हो चुके हैं. शुरुआती दौर में इसका उद्देश्य दुनिया को गुजरात की क्षमता दिखाना था, ताकि लोग यहां निवेश करें. आज वाइब्रेंट गुजरात समिट ग्लोबल ग्रोथ और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का एक मजबूत मंच बन चुकी है.'
'दुनिया की उम्मीदें भारत से लगातार बढ़ रही हैं'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'बीते 20 वर्षों में वाइब्रेंट गुजरात समिट ने हर बार कुछ नया किया है. अब क्षेत्रीय वाइब्रेंट गुजरात समिट एक नया प्रयोग है, जिसका मकसद क्षेत्रीय विकास को और तेज करना है.' उन्होंने कहा, '21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा बीत चुका है और भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है. जो आर्थिक आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे साफ दिखाते हैं कि दुनिया की उम्मीदें भारत से लगातार बढ़ रही हैं.'
'सौराष्ट्र-कच्छ में इन्वेस्ट का यही समय है, सही समय है'
पीएम मोदी ने कहा, 'भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा कंज्यूमर बना है. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर है. IMF भारत को ग्लोबल ग्रोथ का इंजन बताता है. मैंने लाल किले से कहा था कि यही समय है, सही समय है. देश और दुनिया के पास यही समय है, सही समय है. वाइब्रेंट गुजरात भी आप सभी इन्वेस्टर्स को यही संदेश देता है कि सौराष्ट्र-कच्छ में इन्वेस्ट का यही समय है. सही समय है.'
उन्होंने कहा, 'यह वही कच्छ है जिसने भीषण भूकंप को झेला. यह वही सौराष्ट्र है जिसने सूखे को झेला. आज की पीढ़ी ने सिर्फ इसकी कहानी सुनी है. अब यह सब भूतकाल हो चुका है. समय बदलता है और जरूर बदलता है. सौराष्ट्र-कच्छ के लोगों ने अपने परिश्रम से अपना भाग्य बदला है. यह रीजन भारत की ग्रोथ का इंजन बन चुका है. यही राजकोट में ही ढाई लाख से ज़्यादा MSME हैं. यहां छोटे से छोटे स्क्रू ड्राइवर से लेकर लग्जरी कार, एयरोप्लेन और फाइटर प्लेन के पार्ट्स बनते हैं.'
'कच्छ में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड एनर्जी पार्क'
प्रधानमंत्री मोदी गुजराती में बोले, 'मैंने कहा था कि मोरबी, राजकोट और जामनगर मिनी जापान बनेंगे, तब मेरा मजाक उड़ाया गया था लेकिन आज मेरी आंखों के सामने यह सच होता देख रहा हूं. 10 में से 9 मोबाइल हम बाहर से मंगाते थे. आज भारत मोबाइल बनाने वाला दुनिया का दूसरा बड़ा देश है. हर ग्लोबल एक्सपर्ट, संस्थाएं भारत को लेकर बुलिश है. भारत में आज राजकीय स्थिरता है. मैंने लाल किले से कहा था कि भारत असीम संभावनाओं का देश है और भारत में यह निवेश का सही समय है.'
उन्होंने कहा, 'यह समिट आप सबको भी सौराष्ट्र-कच्छ में निवेश का सही समय बता रहा है. सौराष्ट्र-कच्छ के लोगों ने अपने परिश्रम से अपना समय और भाग्य बदल दिया. यह भारत की ग्रोथ का एंकर रीजन बन चुका है. सिर्फ राजकोट में 2.5 लाख से ज्यादा MSME हैं. यहां स्क्रू ड्राइवर से लेकर रॉकेट के पार्ट्स तक बनते हैं. यहां का ज्वेलरी उद्योग विश्व प्रसिद्ध है. अलंग दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा शिप ब्रेकिंग यार्ड है. धोलेरा में भारत की पहली सेमी कंडक्टर फैब्रिकेसन इंडस्ट्री बन रही है. दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड एनर्जी पार्क कच्छ में बन रहा है जो पेरिस शहर से पांच गुना बड़ा है. 2027 में अब वाइब्रेंट समिट होगा. जिस काम को मुझे शुरू करने का मौका मिला. उसको मेरे साथी आगे ले जा रहे हैं. यह देखकर बहुत खुशी हो रही है.'
गांधीनगर में करेंगे मेट्रो फेज 2 का लोकार्पण
प्रधानमंत्री मोदी शाम 5 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां से वह सीधे गांधीनगर में मेट्रो फेज 2 का लोकार्पण करने के लिए महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन आएंगे. शाम 5:30 बजे पीएम मेट्रो फेज 2 का लोकार्पण करेंगे. 7.8 किलोमीटर के रूट में 7 स्टेशन तैयार हुए हैं. लोकार्पण के बाद यह रूट उत्तरायण के बाद से आम जनता के लिए शुरू होगा. पीएम फेज 2 के जिस रूट का लोकार्पण करेंगे उनमें गांधीनगर का सचिवालय, सेक्टर 10A, महात्मा मंदिर, सेक्टर 24, सेक्टर 16, पुराना सचिवालय, अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे.
इसके साथ ही अहमदाबाद मेट्रो का नेटवर्क 68 किलोमीटर का हो जाएगा, जिसमें 22 मेट्रो स्टेशन शामिल होंगे. अहमदाबाद से गांधीनगर के बीच, खास करके गांधीनगर में स्थित सचिवालय में नौकरी करने वाले सभी कर्मियों के साथ अक्षरधाम, महात्मा मंदिर, गांधी कुटीर, उद्योग भवन समेत जगहों पर गांधीनगर और अहमदाबाद से पहुंचना आसान होगा. महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन को सीधा गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन के साथ विशेष वॉक वे से जोड़ा गया है. इस मल्टी कनेक्टिविटी की वजह से गांधीनगर कैपिटल स्टेशन पर पहुंचना और स्टेशन से गांधीनगर या अहमदाबाद मेट्रो से आवाजाही आसान होगी.
ब्रिजेश दोशी