गुजरात के 30 जिले बाढ़ की चपेट में, कहीं पुल बहा तो कहीं अस्पताल में भरा पानी

पूरा गुजरात मूसलाधार बारिश की गिरफ्त में है. गुजरात के 30 जिले बाढ़ और बारिश से प्रभावित हैं. अब तक 19 लोगों की बारिश में मौत हो चुकी है और खतरे की बात ये है कि अभी कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट है.

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नवसारी में बाढ़ का सबसे ज्यादा कहर नवसारी में बाढ़ का सबसे ज्यादा कहर

अमित कुमार दुबे / गोपी घांघर

  • नवसारी,
  • 14 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 6:55 PM IST

पूरा गुजरात मूसलाधार बारिश की गिरफ्त में है. गुजरात के 30 जिले बाढ़ और बारिश से प्रभावित हैं. अब तक 19 लोगों की बारिश में मौत हो चुकी है और खतरे की बात ये है कि अभी कुछ दिनों तक भारी बारिश का अलर्ट है.

दरअसल जब बारिश हदें पार कर जाए तो समंदर भी हाहाकार करने लगता है. गुजरात के नवसारी में यही हो रहा है. मूसलाधार बारिश के बाद समंदर में लहरें उठ रही हैं. 35 से 40 फीट ऊंची लहरों का पानी आसपास बसे गांवों को लील लेने पर उतारू हैं.

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यहां के राजुला से कंभारिया गांव को जोड़ने वाला पुल पानी के तेज़ बहाव में बह गया. बचे-खुचे पुल पर पानी पछाड़े मार रहा है. बाकी का हिस्सा भी कब बह जाए कोई ठिकाना नहीं है. इतना ख़तरा होने के बावजूद कुछ लोग पुल पर मौजूद हैं. हालात ये हैं कि कभी भी हादसा हो सकता है.

जूनागढ़ के नए आलीशान अस्पताल की इस बरसात ने पोल-पट्टी खोल दी है. दीवारों से पानी टपक रहा है. अस्पताल के हर हिस्से में पानी भर चुका है. क्या डॉक्टरों का कमरा, क्या कैजुअल्टी और क्या मरीजों का वॉर्ड सब जगह पानी ही पानी है. अभी तो इस अस्पताल का लोकार्पण भी नहीं हुआ. 20 जुलाई को पीएम मोदी अस्ताल का लोकार्पण करने वाले हैं.

जूनागढ़ के दामोदर कुंड पर्यटकों में बेहद लोकप्रिय है. लोग यहां घूमने फिरने आते हैं. आम दिनों यहां इतना पानी नहीं होता. लेकिन आसमान से इतना पानी बरसा है कि चेक डैम से पानी छोड़ना पड़ा. पीछे से पानी छोड़ा गया तो कुंड न केवल लबालब हुआ, बल्कि झरने की दिशा ही बदल गई.

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सौराष्ट्र में भी बादल खूब बरस रहे हैं. नदी नालों में बाढ़ आ गई है, कई डैम ओवरफ्लो हो रहे हैं. जबकि ऊना तहसील के आमोदरा, खत्रीवाड़ा, वाजड़ी और मानेकपुरा गांव भी बाढ़ की चपेट में है, इनका संपर्क भी टूट चुका है. भरूच भी पानी में तैर रहा है. पानी घरों के अंदर तक घुस चुका है. क्या बैड, क्या टेबल और रसोई के बर्तन सब जलमग्न हैं. गली, मोहल्लों और सड़कों पर नदिया बह रही हैं. सड़कों के गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे हैं. राजकोट में भी हालात बदतर हैं. पानी लोगों के घरों में पछाड़े मार रहा है, यहां 150 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया गया है.

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