खड़े- खड़े 'जमीन में समा गया' शख्स, नेशनल हाईवे पर चौंकाने वाली घटना, VIDEO

वलसाड में नेशनल हाईवे-48 किनारे एक दुकानदार गटर के जर्जर ढक्कन के टूटने से उसमें गिर गया. यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई. घायल दुकानदार का अस्पताल में इलाज चल रहा है. स्थानीय लोगों ने हाईवे अथॉरिटी की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जर्जर गटरों की मरम्मत की मांग उठाई है.

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खड़े- खड़े 'जमीन में समा गया' शख्स (Photo:itg) खड़े- खड़े 'जमीन में समा गया' शख्स (Photo:itg)

aajtak.in

  • वलसाड ,
  • 07 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST

गुजरात के वलसाड जिले में एक लापरवाही भरा हादसा उस वक्त सामने आया, जब सड़क किनारे खड़ा एक दुकानदार अचानक जमीन के भीतर समा गया. सीसीटीवी में कैद यह घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ पल के लिए समझ नहीं पाए कि आखिर हुआ क्या. नेशनल हाईवे किनारे गटर के जर्जर ढक्कन ने एक बड़ा खतरा बनकर सामने आकर प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोल दी है.

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घटना वलसाड जिले के पारडी इलाके की है, जहां नेशनल हाईवे-48 के किनारे स्थित एक दुकान के बाहर यह हादसा हुआ. जानकारी के मुताबिक, दुकानदार दुकान के सामने गटर के ढक्कन पर खड़े होकर किसी से फोन पर बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान अचानक कमजोर और जर्जर हो चुका ढक्कन टूट गया और दुकानदार सीधे नीचे गहरी गटर में जा गिरे.

हादसा इतना अचानक था कि मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही दुकानदार गटर में गिर चुके थे. घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई. आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और किसी तरह घायल दुकानदार को गटर से बाहर निकाला. इसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

बताया जा रहा है कि हाईवे के किनारे बनी गटरों की हालत लंबे समय से खराब है. कई जगहों पर ढक्कन जर्जर हो चुके हैं और कभी भी टूट सकते हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.

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इस घटना के बाद इलाके में लोगों का गुस्सा साफ नजर आ रहा है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते गटरों की मरम्मत कर दी जाती, तो यह हादसा टल सकता था. अब वे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

सीसीटीवी में कैद यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है, जिससे प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं. फिलहाल, इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
 

Input: कौशिक जोशी
 

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