गुजरात में पेपर लीक मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ एक्शन शुरू कर दिया है. अब तक 15 से ज्यादा आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है, जिनसे पूछताछ भी चल रही है. इसके अलावा गुजरात एटीएस 25 संदिग्धों को अहमदाबाद लेकर आई है. इनसे भी पूछताछ होगी. पेपर लीक की जांच के लिए एक हाई लेवल कमेटी भी गठित कर दी गई है. इस मामले में
ATS ने शनिवार रात को ही 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया था. पेपर लीक होने की जानकारी बकायदा राज्य सरकार को भी दे दी गई थी. रात में ही यह परीक्षा रद्द करने का निर्णय भी ले लिया गया था. लेकिन इसका ऐलान सुबह इसलिए किया गया, ताकि रैकेट में शामिल दूसरे आरोपियों को भी पकड़ा जा सके.
पेपर लीक के मामले में अब वडोदरा की एक कोचिंग का नाम भी सामने आ रहा है. यहां एक प्रमुख कॉम्प्लेक्स में स्टैकवाइज टेक्नोलॉजी क्लासेस नाम से कोचिंग का संचालन होता है. आशंका है कि छात्रों को यहां पर ही पेपर दिए गए हैं. पुलिस ने कोचिंग क्लास को सील कर दिया है. छापेमारी के दौरान पुलिस को यहां से कई पुराने प्रश्नपत्र भी मिले हैं. कोचिंग सेंटर वडोदरा के अटलादरा रोड पर स्थित है. कोचिंग के टीम मैनेजर समेत कुल 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
पंचायत जूनियर क्लर्क के 3350 पदों पर भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा में 17 लाख कैंडिडेट्स एग्जाम देने वाले थे. परीक्षा सुबह 11 बजे से आयोजित होनी थी, लेकिन इससे पहले ही पेपर लीक होने की खबर आ गई और एग्जाम रद्द कर दिया गया. पुलिस ने देर रात पेपर के साथ एक शख्स को गिरफ्तार किया. जिसके बाद परीक्षा रद्द की कर दी गई. अभी यह साफ नहीं है कि दोबारा परीक्षा कब होगी.
बता दें कि गुजरात पंचायत सेवा चयन बोर्ड (GPSSB) ने जूनियर क्लर्क पदों पर भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे थे. गुजरात जूनियर क्लर्क पदों पर आवेदन करने के लिए कैंडिडेट को किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से बारहवीं या इसके समकक्ष पास करना जरूरी है. इन पदों पर चयन लिखित परीक्षा के आधार पर होना है.
इससे पहले राजस्थान में ग्रेड 2 शिक्षक भर्ती का जनरल नॉलेज का पेपर लीक हो गया था. 6 फेज में आयोजित की जा रही इस परीक्षा में करीब 13 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया था. 24 दिसंबर को पेपर होना था, लेकिन पेपर शुरू होने से ठीक पहले पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इस दिन करीब 2 लाख उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे थे. पेपर लीक होने की खबर के तुरंत बाद परीक्षा रोक दी गई थी और जांच के आदेश दिए गए थे. राजस्थान में यह परीक्षा करीब पांच साल बाद आयोजित की गई थी.
सौरभ वक्तानिया