गुजरात के मेहसाणा जिले में शेयर बाजार निवेश के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ( Enforcement Directorate ) ने 4.59 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है. जब्त की गई संपत्तियों में भारी मात्रा में सोना-चांदी, नकदी और विदेशी मुद्रा शामिल है. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है.
4.59 करोड़ की संपत्ति जब्त
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक ईडी की ओर से बताया गया है कि, जब्त संपत्तियों में 110 किलोग्राम चांदी की सिल्लियां (करीब 2.4 करोड़ रुपये), 1.29 किलोग्राम सोने की सिल्लियां (करीब 1.7 करोड़ रुपये), 39.7 किलोग्राम चांदी के आभूषण, 38.8 लाख रुपये नकद और लगभग 10.6 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा शामिल है. इसके अलावा, अपराध से अर्जित संपत्ति से जुड़े कई प्रॉपर्टी दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं.
यह मामला हिमांशु उर्फ पिंटू भावसार और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है. ईडी ने अपनी जांच मेहसाणा के खेरालू थाना में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता को शेयर बाजार में निवेश कर ऊंचा मुनाफा दिलाने का लालच दिया, लेकिन न तो निवेश की गई रकम लौटाई गई और न ही कोई लाभ दिया गया.
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने निवेशकों की रकम किसी भी कंपनी के शेयरों में नहीं लगाई, बल्कि निजी इस्तेमाल में खर्च कर दी. बाद की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अलग-अलग राज्यों में आरोपियों के खिलाफ कम से कम छह और एफआईआर दर्ज हैं. कुल मिलाकर ठगी की रकम 10.87 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है.
ऊंचे रिटर्न के नाम पर निवेशकों से ठगी का आरोप
ईडी के अनुसार, पिंटू भावसार और उसके सहयोगियों ने मेहसाणा, विसनगर और वडनगर में कई कार्यालय खोले थे. यहां कर्मचारियों को नियुक्त कर संभावित निवेशकों को नियमित फोन कॉल कर शेयर बाजार में निवेश के लिए आकर्षक रिटर्न का झांसा दिया जाता था.
जांच में यह भी सामने आया कि भावसार ने SEBI द्वारा तीन कंपनियों को जारी निवेश सलाहकार प्रमाणपत्रों का दुरुपयोग किया. ये कंपनियां Vishwas Stocks Research Pvt Ltd, Dalal Stocks Advisory Pvt Ltd और Devki Stocks Pvt Ltd सेबी में पंजीकृत नहीं थीं, फिर भी निवेश सलाह सेवाएं दे रही थीं.
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