उधार दिए पैसे मांगने पर दोस्त बना कातिल, महज 500 रुपये के लिए लाठी से पीटकर ली जान

डांग जिले के नीलाशाक्या गांव में 500 रुपये के विवाद ने दोस्ती को खून में बदल दिया. उधार दिए पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने दोस्त पर लाठी से हमला कर दिया. गंभीर घायल अनिल पवार को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी जितेश पवार के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है.

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गुस्से में दोस्त बना कातिल.(Photo: Brijesh Doshi/ITG) गुस्से में दोस्त बना कातिल.(Photo: Brijesh Doshi/ITG)

ब्रिजेश दोशी

  • डांग,
  • 16 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:13 PM IST

गुजरात के डांग जिले के नीलाशाक्या गांव में दोस्ती को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 500 रुपये के लेन-देन ने एक व्यक्ति की जान ले ली. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है और लोगों में भय व आक्रोश का माहौल बना हुआ है.

जानकारी के अनुसार, नीलाशाक्या गांव निवासी 50 वर्षीय अनिल पवार ने करीब दो महीने पहले अपने दोस्त जितेश पवार को 500 रुपये उधार दिए थे. दो दिन पहले जब अनिल ने अपने पैसे वापस मांगे, तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते यह सामान्य बहस हिंसक झगड़े में बदल गई.

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गुस्से में आकर जितेश पवार ने अनिल पर लाठी से हमला कर दिया. हमले में अनिल के सिर पर गंभीर चोट लगी और उनकी छाती पर भी लाठी से वार किया गया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गया.

अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

हमले के बाद गंभीर रूप से घायल अनिल को तुरंत इलाज के लिए आहवा सिविल अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन कुछ समय बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई. इस दुखद घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और लोगों में शोक का माहौल है.

घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामले की जांच शुरू की गई. मृतक की पत्नी सुबीबेन पवार ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. पत्नी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.

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दोस्ती पर लगा कलंक, समाज में चिंता

इस घटना ने दोस्ती और आपसी भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. डांग जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में लोग पारंपरिक रूप से आपसी विश्वास के साथ रहते आए हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं सामाजिक चिंता का विषय बन रही हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती असहिष्णुता और क्षणिक आवेगों के कारण अपराध के स्वरूप में बदलाव देखने को मिल रहा है.

इससे पहले भी डांग के भीतरी इलाकों में वित्तीय लेन-देन और भूमि विवादों को लेकर हिंसक झड़पों के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे समाज में चिंता और बढ़ गई है.

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