Water Crisis In Delhi: दिल्ली में हर दिन 280 मिलियन गैलन पानी की कमी, LG ने मांगे सुझाव

इस साल दिल्ली को गर्मियों में पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ा. पानी को लेकर दिल्ली और हरियाणा सरकारों के बीच तनातनी भी हुई. दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने दावा किया कि पड़ोसी राज्य पानी नहीं छोड़ रहा है. वहीं, हरियाणा ने कहा कि वह दिल्ली को पानी के पूरे हिस्से की आपूर्ति कर रहा है.

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दिल्ली के उपराज्यपाल ने लोगों से सुझाव भी मांगे हैं. -फाइल फोटो दिल्ली के उपराज्यपाल ने लोगों से सुझाव भी मांगे हैं. -फाइल फोटो

कुमार कुणाल

  • नई दिल्ली,
  • 04 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST
  • एयर क्वालिटी में सुधार को लेकर भी एलजी ने मांगे थे सुझाव
  • एलजी सक्सेना बोले- चुनौतियां हमें विरासत में मिलीं हैं

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार पानी की कमी हो रही है. यहां हर दिन 280 मिलियन गैलन पानी की कमी होती है. दिल्ली के उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने पानी की कमी को लेकर सोमवार को एक ट्वीट किया. उन्होंने पानी की कमी से निपटने के लिए सुझाव भी दिए हैं. उन्होंने एक ईमेल आईडी, writetolgdelhi@gmail.com भी पोस्ट किया है, जहां लोग अपने सुझाव भेज सकते हैं.

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उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने कहा कि किसी और पर आरोप-प्रत्यारोप करने से बेहतर है कि हम राजधानी को जल संरक्षण के लिए तैयार करें. साथ ही उन्होंने भूजल को भी सुरक्षित करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि लोगों की सहभागिता और सलाह दोनों हमें यह हासिल करने में मदद करेगा.

एलजी ने ट्वीट में एक फोटो शेयर किया है जिसमें लिखा गया है कि चुनौती हमें विरासत में मिली है. इसे दूर करने के लिए हमें एक साथ आगे आना होगा. तस्वीर में जानकारी दी गई है कि दिल्ली जल संकट से रोजाना गुजर रही है. राष्ट्रीय राजधानी में रोजाना 1260 मिलियन गैलन पानी की जरूरत होती है. इसके मुकाबले 980 मिलियन गैलन पानी का रोजाना प्रोडक्शन होता है. यानी कि दिल्ली में हर दि 280 मिलियन गैलन पानी की कमी होती है.

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बता दें कि इससे पहले भी दिल्ली के राज्यपाल ने एयर क्वालिटी में सुधार और दिल्ली को कचरा के पहाड़ों से मुक्त करने के लिए सुझाव मांगे थे. उपराज्यपाल ने ओखला, गाजीपुर और भलस्वा में कचरे के पहाड़ों से निपटने, सीवेज के उपचार, यमुना को साफ करने और दिल्ली के वायु प्रदूषण में सुधार के तरीकों पर लोगों से सुझाव मांगे थे.

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