एनजीटी में उत्तरी दिल्ली एमसीडी का दुखड़ा- नोटिस के बावजूद जुर्माना नहीं देते हैं लोग

नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल में वायु प्रदूषण के मामले में सुनवाई के दौरान उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने अपना दुखड़ा रोया. निगम ने ट्रिब्युनल से कहा कि हमारे नोटिस के बाद भी लोग 50 हजार रुपये का जुर्माना नहीं दे रहे हैं.

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एनजीटी ने पहले दिल्ली सरकार को लगाई थी फटकार एनजीटी ने पहले दिल्ली सरकार को लगाई थी फटकार

केशव कुमार / पूनम शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 18 मई 2016,
  • अपडेटेड 6:59 PM IST

नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल में वायु प्रदूषण के मामले में सुनवाई के दौरान उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने अपना दुखड़ा रोया. निगम ने ट्रिब्युनल से कहा कि हमारे नोटिस के बाद भी लोग 50 हजार रुपये का जुर्माना नहीं दे रहे हैं. एनजीटी के आदेश पर निगम ने इलाके में निर्माण कार्यों के दौरान धूल फैलाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना तय किया था.

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निगम के नोटिस के बावजूद नहीं चुकाया जुर्माना
था कि 50 गज वाले मकान मालिकों से पांच हजार और 51 गज से 200 गज तक मकान मालिकों से दस हजार जुर्माना लिया जाए. इसके बाद भी निगम के नोटिस पर लोगों ने जुर्माना नहीं चुकाया.

वायु प्रदूषण पर दिल्ली सरकार को लग चुकी है फटकार
एनजीटी ने दो मई को वायु प्रदूषण पर सुनवाई करते हुए राजधानी में कूड़ा जलाने और धुआं को लेकर फटकार लगाई थी. स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने साफ कहा था कि हम आपको मिथेन और कार्बन जैसी हानिकारक गैस पैदा करने की इजाजत नहीं दे सकते.

एनजीटी के निर्देशों पर निगम ने लगाया जुर्माना
था कि धुएं और नगर निगम के ठोस कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में निगम सक्रियता क्यों नहीं दिखाती. धूल उड़ाने वाले निर्माण कार्य करने वाले बिल्डरों को इन नियमों का उल्लंघन करने पर काबू क्यों नहीं किया जाता.

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