विधायकों के दफ्तर में ही नहीं, बेडरूम में भी कैमरा लगवाएं केजरीवालः बीजेपी

बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री आर पी सिंह ने कहा है कि केजरीवाल को अपने विधायकों के घरों और दफ्तरों में ही नहीं, उनके बेडरूम में भी कैमरा लगवाना चाहिए. क्योंकि विधायक अपनी पत्नियों के साथ जिस तरह का व्यवहार करते हैं, वो भी सामने आना चाहिए.

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दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय

केशव कुमार / कपिल शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 11:59 PM IST

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने विधायकों को विवादों से दूरी बनाने की सलाह दी. विपक्ष के नेताओं ने इस पर भी उन्हें घेरने में देर नहीं की. केजरीवाल ने अपने विधायकों को दफ्तर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की सलाह दी थी. इससे मिलने आने वालों की गतिविधियों और हाल ही में इस दौरान हुए विवादित घटनाक्रमों का सबूत सुरक्षित रहे. इसे लेकर बीजेपी के एक नेता ने विवादित बयान दे डाला है.

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विधायकों के बेडरूम में लगाएं सीसीटीवी
बीजेपी के राष्ट्रीय मंत्री आर पी सिंह ने कहा है कि केजरीवाल को अपने विधायकों के घरों और दफ्तरों में ही नहीं, उनके बेडरूम में भी कैमरा लगवाना चाहिए. क्योंकि विधायक अपनी पत्नियों के साथ जिस तरह का व्यवहार करते हैं, वो भी सामने आना चाहिए.

कई विधायकों पर घरेलू हिंसा का आरोप
हाल ही में आम आदमी पार्टी के विधायक मनोज कुमार की शिकायत उनकी पत्नी ने दिल्ली महिला आयोग से की थी. इसमें घरेलू हिंसा का आरोप लगाया था. महिला आयोग ने ये मामला दिल्ली पुलिस के पास भेज दिया है. इसके पहले भी आप के विधायक सोमनाथ भारती का पत्नी के साथ विवाद सुर्खियों में रहा था. मामला महिला आयोग से लेकर दिल्ली पुलिस तक पहुंचा था. इस मामले में सोमनाथ भारती को जेल भी जाना पड़ा था.

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जनता के साथ विधायक करते हैं बदतमीजी
दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने भी इस मुद्दे पर केजरीवाल पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अब यह स्पष्ट हो चुका है कि अरविंद केजरीवाल को भी अपने विधायकों पर भरोसा नहीं रहा है. इसलिए वो उनके दफ्तरों में कैमरा लगवाने की बात कर रहे हैं. जो लोग पानी मांगने आते हैं, बिजली की शिकायत करने आते हैं या फिर अपनी परेशानी लेकर आते हैं, विधायक उनके साथ बदतमीजी करते हैं.

उपाध्याय ने केजरीवाल से सवाल भी किया कि अपने विधायकों के दफ्तरों में तो कैमरा लगवाने की याद आ गई, लेकिन जिन 15 लाख कैमरों को दिल्ली की सड़कों पर लगाने का वादा उन्होंने किया था, उस वादे को पूरा करने की याद कब आएगी?

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