10 दिन से खाना-पानी बंद, फिर भी हालत स्थिर... मौत का इंतजार कर रहे हरीश राणा ने AIIMS के डॉक्टरों को चौंकाया

हरीश राणा की हालत बिना भोजन और पानी के भी स्थिर बनी हुई है. पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया के तहत पिछले कई दिनों से उनका पोषण बंद है. डॉक्टरों की निगरानी में उन्हें दर्द से राहत देने की दवाएं दी जा रही हैं, ताकि उनकी अंतिम यात्रा बिना किसी कष्ट के पूरी हो सके.

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गाजियाबाद के हरीश 13 साल से कोमा में हैं, उनकी 'इच्छा मृत्यु' की प्रक्रिया चल रही है. (Photo: ITG) गाजियाबाद के हरीश 13 साल से कोमा में हैं, उनकी 'इच्छा मृत्यु' की प्रक्रिया चल रही है. (Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 4:53 PM IST

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हरीश राणा की हालत स्थिर बनी हुई है. उनको पिछले 10 दिन से भोजन और पानी नहीं दिया जा रहा है. पैसिव यूथेनेशिया की प्रक्रिया के तहत पोषण बंद किए जाने के कई दिन बाद भी उनकी स्थिति में फिलहाल कोई गिरावट दर्ज नहीं की गई है, जो कि हैरान करता है.

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जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा को 14 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया था. 15 मार्च को उनका तरल भोजन बंद कर दिया गया. 17 मार्च से पानी भी देना रोक दिया गया. इस तरह पिछले करीब 10 दिनों से उन्हें न तो भोजन दिया जा रहा है और न ही पानी. इसके बावजूद उनकी हालत स्थिर बनी हुई है.

एम्स के कैंसर अस्पताल के पैलिएटिव केयर यूनिट में हरीश का इलाज चल रहा है. यूनिट की प्रमुख डॉक्टर सीमा मिश्रा के मुताबिक, सामान्य तौर पर इतने दिनों तक भोजन और पानी बंद रहने पर शरीर में बेचैनी के लक्षण दिखते हैं. लेकिन हरीश पिछले करीब 13 साल से गहरे कोमा में हैं, जिसकी वजह से उनमें प्रतिक्रिया नहीं दिख रही है.

दर्द से राहत के लिए दे रहे हैं दवाएं

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एम्स के एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम हरीश राणा को लगातार दर्द निवारक और जरूरी दवाएं दे रही है, ताकि उन्हें किसी तरह का कष्ट या असहजता महसूस न हो. पूरी कोशिश की जा रही है कि उनकी अंतिम यात्रा शांत और बिना पीड़ा के पूरी हो. उनके पिता अशोक राणा के वकील मनीष जैन ने बताया कि परिवार को लगातार अपडेट दिया जा रहा है.

'अंतिम यात्रा' पर परिवार की सोच

वकील मनीष जैन ने बताया कि हरीश राणा के परिवार को लगातार काउंसलिंग भी दी जा रही है, ताकि वे इस संवेदनशील स्थिति को संभाल सकें. ब्रह्माकुमारी राजयोग संस्थान से जुड़े हरीश के परिवार का कहना है कि वे इस प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खींचना चाहते. उनका मानना है कि उनका बेटा बिना कष्ट के अंतिम यात्रा पूरी करे.

साल 2013 से कोमा में हरीश राणा

31 साल के हरीश राणा साल 2013 से कोमा में हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को उनके लिए 'पैसिव यूथेनेशिया' की अनुमति दी थी. हरीश पंजाब यूनिवर्सिटी में BTech के छात्र थे. साल 2013 में चौथी मंजिल की बालकनी से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आई थीं. इसके बाद से ही वो कोमा में हैं. उन्हें कृत्रिम पोषण दिया जाता था.

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पैसिव यूथेनेशिया के लिए खास टीम

अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि एम्स के डॉक्टर हरीश राणा के लाइफ सपोर्ट को हटाने के लिए एक विशेष योजना तैयार करें. इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज की गरिमा बनी रहे. इसके बाद एक विशेष मेडिकल टीम का गठन किया गया. इसमें डॉ. सीमा मिश्रा के नेतृत्व में एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम लगातार काम कर रही है.

मरीज को दर्द नहीं होने देते डॉक्टर

दिल्ली एम्स में ऑन्को-एनेस्थीसिया की पूर्व प्रमुख डॉ. सुषमा भटनागर ने बताया था, "इस प्रक्रिया में पोषण को धीरे-धीरे कम करना या पूरी तरह हटा देना शामिल होता है. इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि मरीज को दर्द से पर्याप्त राहत मिलती रहे. मरीज को दर्द कम करने वाली दवाएं दी जाती हैं, ताकि उसे तकलीफ न हो.''

हरीश राणा का इमोशनल वीडियो

एम्स में लाने से पहले हरीश राणा के गाजियाबाद स्थित घर से एक इमोशनल वीडियो सामने आया था. इसमें 'ब्रह्मा कुमारी' संस्था की एक सदस्य हरीश के माथे पर तिलक लगाती दिखती हैं. उनसे कहती हैं, "सबको माफ करते हुए, सबसे माफी मांगते हुए, सो जाओ... ठीक है..." इस वीडियो ने लोगों का दिल झकझोर दिया था.

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