दिल्ली के पीतमपुरा और केशवपुरम इलाके में इन दिनों एक अज्ञात शख्स ने लोगों के बीच दहशत का माहौल बना दिया है. हाथ में बैग और चेहरे पर सामान्य मुस्कान लिए यह शख्स दिनदहाड़े कॉलोनियों में घूमता है, घरों की घंटी बजाता है और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देने की कोशिश करता है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी की तस्वीरें कई CCTV कैमरों में साफ कैद हो चुकी हैं, लेकिन करीब 20 दिन बाद भी वह पुलिस की गिरफ्त से दूर है.
'दोपहर को घर में अकेली होती हैं महिलाएं'
स्थानीय लोगों के मुताबिक आरोपी बेहद शातिर तरीके से खुद को कभी डिलीवरी ब्वॉय, कभी RO मैकेनिक तो कभी AC और फ्रिज ठीक करने वाला बताकर घरों के दरवाजे खटखटाता है. वह खासतौर पर दोपहर का समय चुनता है, जब अधिकतर घरों में महिलाएं या बच्चे अकेले होते हैं.
चापड़ पर महिला पर हमले की कोशिश
8 मई को केशवपुरम इलाके में हुई घटना के बाद लोगों में डर और बढ़ गया. CCTV फुटेज में आरोपी कई घरों की घंटी बजाते हुए दिखाई देता है. जब कहीं से दरवाजा नहीं खुलता तो वह दूसरी मंजिल पर स्थित एक घर तक पहुंच जाता है. जैसे ही महिला दरवाजा खोलती है, आरोपी खुद को मैकेनिक बताकर अंदर घुसने की कोशिश करता है. कुछ ही सेकंड बाद वह अपने बैग से बड़ा धारदार चापड़ निकाल लेता है.
महिला के शोर मचाने पर आरोपी घबरा जाता है और उसे धक्का देकर बाहर निकलता है. भागते वक्त भी उसके हाथ में हथियार दिखाई देता है. मौके पर मौजूद एक महिला ने बताया कि आरोपी भागते समय पास के पार्क में दरांती जैसी धारदार चीज फेंककर फरार हो गया.
महिला ने दरवाजा खोलते ही बंद कर दिया
RWA प्रेसिडेंट आरके गुलाटी ने बताया कि आरोपी ने C-3 ब्लॉक में छह से आठ घरों की घंटियां बजाईं. गनीमत रही कि वह बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे पाया. एक महिला ने दरवाजा खोला जरूर था, लेकिन शक होने पर तुरंत बंद कर लिया.
जांच में यह भी सामने आया है कि यह पहली घटना नहीं है. इससे पहले 21 अप्रैल को पीतमपुरा के मौर्य एन्क्लेव इलाके में भी इसी तरह की वारदात हुई थी. आरोप है कि आरोपी एक परिचित बनकर घर में दाखिल हुआ और वहां मौजूद एक किशोर को धारदार हथियार दिखाकर बंधक बना लिया. इसके बाद आरोपी करीब चार लाख रुपये नकद और लगभग 25 लाख रुपये के सोने के गहने लूटकर फरार हो गया.
परिचित परिवार को बना चुका निशाना
पीड़ित परिवार का दावा है कि आरोपी का नाम अजय बग्गा है और उसकी उम्र करीब 55 साल है. हालांकि पुलिस ने अभी आधिकारिक तौर पर उसकी पहचान की पुष्टि नहीं की है.
घायल किशोर के पिता का कहना है कि अब दिल्ली में हर डोर बेल डर पैदा कर रही है. लोग दरवाजा खोलने से पहले कई बार CCTV कैमरा चेक कर रहे हैं. दूसरी ओर पुलिस लगातार CCTV फुटेज खंगाल रही है और आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है.
अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर
इलाके के लोगों का कहना है कि आरोपी जिस तरह बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहा है, उससे कॉलोनियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस इस चेहरे तक कब पहुंचती है और क्या अगली वारदात से पहले आरोपी को पकड़ा जा सकेगा.
हिमांशु मिश्रा