अरविंद केजरीवाल और अमानतुल्लाह खान को बड़ी राहत, ED के समन मामले में कोर्ट ने किया बरी

यह मामला दिल्ली शराब नीति से जुड़ा था, जिसमें जांच एजेंसी ने उन पर जानबूझकर जांच में शामिल न होने का आरोप लगाया था. हालांकि, अब कोर्ट ने साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें इस विशिष्ट आरोप से दोषमुक्त कर दिया है.

Advertisement
अरविंद केजरीवाल और अमानतुल्लाह खान को अलग-अलग ED समन मामले में राहत मिली है. (File Photo- ITG) अरविंद केजरीवाल और अमानतुल्लाह खान को अलग-अलग ED समन मामले में राहत मिली है. (File Photo- ITG)

सृष्टि ओझा / संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 22 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:23 PM IST

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बड़ी राहत दी है. अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी समन पर पेश न होने के मामले में केजरीवाल को बरी कर दिया है. यह मामला दिल्ली शराब नीति से जुड़ा था, जिसमें जांच एजेंसी ने उन पर जानबूझकर जांच में शामिल न होने का आरोप लगाया था.

Advertisement

दरअसल, ED ने अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी कि अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में पूछताछ के लिए कई बार समन भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने जानबूझकर उनका पालन नहीं किया. एजेंसी का तर्क था कि एक लोक सेवक होने के नाते समन की अनदेखी करना कानून का उल्लंघन है. इसी मामले में गिरफ्तारी से पहले केजरीवाल को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश भी होना पड़ा था. हालांकि, अब कोर्ट ने साक्ष्यों और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें इस विशिष्ट आरोप से दोषमुक्त कर दिया है.

इसी तरह, आम आदमी पार्टी के विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान को भी राहत मिली है. अमानतुल्लाह खान पर दिल्ली वक्फ बोर्ड में कथित अवैध भर्तियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED के समन पर पेश न होने का आरोप था. ED का दावा था कि अमानतुल्लाह खान ने भी जांच एजेंसी द्वारा भेजे गए कई समन की अनदेखी की. लेकिन राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में भी अमानतुल्लाह खान को बरी करते हुए ED की शिकायत को खारिज कर दिया. 

Advertisement

अदालत के इस फैसले के बाद AAP ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि जांच एजेंसियों का राजनीतिक दबाव में दुरुपयोग किया जा रहा है. वहीं, ED की ओर से अब तक इस फैसले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. माना जा रहा है कि एजेंसी कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकती है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement