साइबर ठगों के निशाने पर दिल्ली का ग्रेटर कैलाश! 70 वर्षीय महिला से 7 करोड़ का फ्रॉड, डॉक्टर कपल ने गंवाए थे 14 करोड़

साउथ दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में हफ्ते भर के अंदर डिजिटल अरेस्ट की एक और बड़ी घटना सामने आई है. जालसजों ने एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 7 करोड़ रुपये की ठगी की. इससे पहले इसी इलाके में अमेरिका से लौटे डॉक्टर दंपति से साइबर ठगों ने 14 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी.

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दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में हफ्ते भर के अंदर दूसरी बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट करके 7 करोड़ रुपये की ठगी. (सांकेतिक तस्वीर) दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में हफ्ते भर के अंदर दूसरी बुजुर्ग महिला को डिजिटल अरेस्ट करके 7 करोड़ रुपये की ठगी. (सांकेतिक तस्वीर)

अरविंद ओझा

  • नई दिल्ली,
  • 15 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 2:34 PM IST

देश की राजधानी दिल्ली में साइबर अपराधियों का आतंक तेजी से फैलता जा रहा है. बीते एक हफ्ते के भीतर साउथ दिल्ली से ऐसे दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें बुजुर्गों को डराकर, मानसिक दबाव में रखकर उनके साथ करोड़ों रुपये की ठगी की गई. साइबर फ्रॉड की ऐसी घटनाओं को '​डिजिटल अरेस्ट' कहा जाता है. ताजा मामला ग्रेटर कैलाश इलाके से सामने आया है, जहां साइबर अपराधियों ने 70 साल की एक बुजुर्ग महिला को करीब तीन दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और अलग-अलग बैंक खातों के जरिए करीब 7 करोड़ रुपये की ठगी कर ली.

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ठगों ने खुद को जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर महिला को यह यकीन दिलाया कि वह किसी गंभीर मामले में फंसी हुई हैं और किसी से बात करने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा. डर और तनाव में महिला ने उनकी बातों में आकर अपनी जमा पूंजी ट्रांसफर कर दी. इस मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर यूनिट ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी की रकम किन खातों में गई और इसके पीछे कौन-सा संगठित गिरोह काम कर रहा है.

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अमेरिका रिटर्न डॉक्टर कपल ने गंवाए 14 करोड़

कुछ दिन पहले इसी ग्रेटर कैलाश इलाके से 14 करोड़ रुपये की डिजिटल अरेस्ट ठगी का मामला सामने आया था. उस केस में अमेरिका से दिल्ली लौटकर रह रहे एक डॉक्टर दंपति को साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया था. दोनों मामलों में ठगों का तरीका लगभग एक जैसा बताया जा रहा है. साइबर अपराधियों ने ओम तनेजा और इंदिरा तनेजा को कथित तौर पर 24 दिसंबर से 9 जनवरी तक डिजिटल गिरफ्तारी में रखा और उन्हें झूठे अदालती मामलों और एफआईआर की धमकी दी. कानूनी कार्रवाई के डर से, डॉक्टर दंपति ने जालसाजों द्वारा उपलब्ध कराए गए कई बैंक खातों में 14 करोड़ की राशि स्थानांतरित कर दी.

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सीबीआई करेगी 1.64 करोड़ की ठगी की जांच

इसी तरह का एक बड़ा मामला अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के पास पहुंच गया है. सीबीआई ने दिल्ली के मुनिरका इलाके की 76 वर्षीय बुजुर्ग महिला से जुड़े डिजिटल फ्रॉड केस में एफआईआर दर्ज की है. यह मामला पहले दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के पास था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के दिसंबर 2025 के आदेश के बाद इसे सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया. पीड़िता एक विधवा पेंशनभोगी हैं, जिनसे साइबर अपराधियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर फर्जी दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के जरिए 1.64 करोड़ रुपये की पूरी जमा पूंजी ठग ली. लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने दिल्ली में साइबर सुरक्षा, खासकर बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है. जांच एजेंसियां लोगों से सतर्क रहने, किसी भी कॉल या वीडियो कॉल पर डरकर पैसे ट्रांसफर न करने और तुरंत पुलिस से संपर्क करने की अपील कर रही हैं.

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