हैदराबाद में एक पूर्व आईपीएस अधिकारी की पत्नी ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हो गईं और उन्हें स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग ऐप से जुड़े स्कैम में ₹2.58 करोड़ का नुकसान हुआ. शिकायत के अनुसार, साइबर अपराधियों ने महिला से व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया और उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से निवेश के झूठे विज्ञापन दिखाए. महिला ने भरोसा किया और अगले दस दिनों में ₹2.58 करोड़ अपराधियों को ट्रांसफर कर दिए.
कैसे चला धोखाधड़ी का पता?
कुछ समय बाद जब महिला को कोई रिटर्न नहीं मिला, तो उसे समझ आया कि वह ठगी का शिकार हो गई हैं. इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. स्थानीय पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और अपराधियों की तलाश कर रही है.
हुमायूं नगर में पिछले साल भी हुआ साइबर फ्रॉड
पिछले साल सितंबर में हैदराबाद के हुमायूं नगर के 68 वर्षीय निवासी को डिजिटल फ्रॉड का शिकार बनाया गया था. इस मामले में अपराधियों ने खुद को एटीएस, एनआईए और डीजीपी के अधिकारी दिखाकर ₹26 लाख ठग लिए थे.
कैसे किया फ्रॉड?
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि इस फ्रॉड की शुरुआत फोन कॉल से हुई, जिसमें पीड़ित के मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया गया. इसके बाद व्हाट्सऐप वीडियो कॉल में फर्जी गिरफ्तारी वारंट और दस्तावेज दिखाकर उन्हें डराया गया.
अब्दुल बशीर