राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाइओवर के पास खड़ी एक कार से तीन लाशें मिले हुए 18 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पूरी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है. इसके उलट, मामला उलझता जा रहा है. पुलिस प्रसाशन इस मामले को सुसाइड के नजरिए से देख रहा है, तो दूसरी तरफ परिजनों ने मर्डर होने का दावा किया है. इसके बाद, लाशों की मिस्ट्री और ज्यादा उलझती नजर आ रही है.
दिल्ली पुलिस को रविवार दोपहर करीब 3.50 बजे पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक पीसीआर कॉल मिली. मौके पर पहुंची पुलिस टीम को एक सफेद टाटा कार के अंदर दो पुरुष और एक महिला मृत अवस्था में मिले. मृतकों की पहचान रणधीर (76), शिव नरेश (40) और लक्ष्मी देवी (40) के रूप में हुई है. रणधीर कार के मालिक थे और शिव नरेश उनके पास प्रॉपर्टी का काम करता था.
पुलिस को शवों पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं, इसलिए वे इसे सुसाइड का मामला मान रहे हैं. हालांकि, शिव नरेश के भाई राम नरेश ने हत्या की आशंका जताई है. पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत की असली वजह साफ हो सके.
सफेद कार और तीन जिंदगियों का अंत
फ्लाईओवर पर खड़ी सफेद टाटा कार के अंदर की तस्वीर बेहद डरावनी थी. दोपहर के वक्त जब लोगों ने कार में बैठे लोगों को किसी तरह की कोई हरकत करते नहीं देखा, तो पुलिस को इसकी जानकारी दी गई. कार के अंदर से रणधीर, उनके सहयोगी शिव नरेश और लक्ष्मी देवी की लाशें बरामद हुईं. घटना के 18 घंटे गुजर जाने के बाद भी यह साफ नहीं है कि कार के अंदर उस वक्त हुआ क्या था.
यह भी पढ़ें: दिल्ली: पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर खड़ी कार में मिलीं तीन लाशें, इलाके में दहशत
'फोन करके बुलाया, फिर की हत्या'
मृतक शिव नरेश के भाई राम नरेश ने पुलिस के सुसाइड एंगल को खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि यह सुसाइड नहीं बल्कि हत्या है. राम नरेश के मुताबिक, उनके भाई को फोन करके बुलाया गया था और उसका हेलमेट भी कार में ही पड़ा मिला है. परिजनों का दावा है कि प्रॉपर्टी के काम से जुड़े होने की वजह से किसी साजिश के तहत उन्हें निशाना बनाया गया है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में शरीर पर जख्मों का अभाव सुसाइड की ओर इशारा करता है. लेकिन, कार के अंदर अचानक तीन लोगों की मौत हो जाना कई सवाल खड़े करता है. क्या उन्होंने कोई जहरीला पदार्थ खाया या कुछ और हुआ, इसकी असली तस्वीर पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी. फिलहाल, पुलिस ने कार और घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं.
यह भी पढ़ें: पीरागढ़ी हादसा: मृतक दमकल कर्मी के परिवार को दिल्ली सरकार देगी 1 करोड़ मुआवजा
प्रॉपर्टी विवाद या कुछ और?
मृतक शिव नरेश अपने मालिक रणधीर के लिए प्रॉपर्टी का काम संभालता था. कार भी रणधीर की ही थी. मालिक और कर्मचारी के साथ एक महिला का शव मिलना मामले को और पेचीदा बना रहा है. पुलिस अब इन तीनों के आपसी रिश्तों और पिछले कुछ घंटों की गतिविधियों को खंगाल रही है, जिससे यह पता लगाया जा सके कि वे वहां कैसे और क्यों पहुंचे थे, जहां पर लाशें पाई गई हैं.
अरविंद ओझा