सीलिंग और ई-कॉमर्स कंपनी वालमार्ट-फ्लिपकार्ट डील को लेकर जहां एक तरफ केंद्र सरकार को लेकर व्यापारियों में नाराजगी है तो वहीं बीजेपी समर्थित व्यापारिक संगठन कैट ने इसी मुद्दे को लेकर भारत बंद का आह्वान किया था. राजधानी में इस बंद का असर देखने को नहीं मिला है. यहां के ज्यादातर बाजार खुले नजर आए.
बंद के सवाल पर करोल बाग में टैंक रोड के व्यापारियों ने कहा कि हम लोग ने यहां काफी महंगे किराए पर अपनी दुकान ले रखी है. एक तो पहले से बाजार में मंदी है, ऐसे में दुकान बंद करने से हम लोगों का ही नुकसान है.
उन्होंने कहा कि सरकार एफडीआई तो ला रही है लेकिन सीलिंग को लेकर कोई अध्यादेश नहीं ला रही है. इस पूरे मामले में व्यापारी पिसता हुआ नजर आ रहा हैं. सदर बाजार के एक अन्य व्यापारी राकेश यादव का कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी के चलते व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है और अब दिल्ली में सीलिंग ने व्यापारियों को और परेशान कर दिया है.
उनका साफ कहना था कि इस समस्या के लिए वो केंद्र सरकार को जिम्मेदार मानते है. उनके अनुसार केंद्र सरकार चाहे तो अध्यादेश लाकर दिल्ली के व्यापारियों को इस समस्या से निजात दिला सकती है, लेकिन उनकी ऐसी कोई मंशा दिख नहीं रही. ऐसे में इस बंद का कोई मतलब नही हैं इसलिए हम इसका समर्थन नहीं कर रहे है.
साथ ही उन्होंने कहा कि वालमार्ट -फ्लिपकार्ट डील के चलते तो हम लोगों का बाजार ही खत्म होने की स्थिति में आ गया है. वहीं दिल्ली के मशहूर कनॉट प्लेस में भी अधिकतर दुकानें भी खुले हुई नजर आईं.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आदेश के बाद दिल्ली में सीलिंग चल रही है जिसके चलते यहां के व्यापारियों को काफी नुकसान हुआ है. वहीं अब वालमार्ट के भारतीय बाजार में आने से दिल्ली के थोक व्यापारियों की बेचैनी और बढ़ गई है.
सुशांत मेहरा / देवांग दुबे गौतम