दिल्ली: पार्षदों ने सफाई कर्मचारियों के लिए बनाए गए रेस्ट रूम को बनाया निजी दफ्तर

पूर्वी दिल्ली के किशन कुंज वार्ड में ही बने सफाई कर्मचारियों के रेस्ट रूम में पार्षद हिमांशी पांडे ने दफ्तर बना लिया है. साथ ही उसके अंदर सारी सुविधाओं का भी इंतजाम कर लिया है.

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पार्षदों ने रेस्टरूम को बनाया सरकारी दफ्तर पार्षदों ने रेस्टरूम को बनाया सरकारी दफ्तर

मोनिका गुप्ता / अंकित यादव

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2018,
  • अपडेटेड 1:48 PM IST

दिल्ली में दर्जनों पार्षदों ने तपती धूप में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों के लिए बनाए गए रेस्ट रूम को अपना पर्सनल दफ्तर बना लिया है.

'आजतक' की टीम ने पड़ताल की तो पता चला कि एक दो नहीं दर्जनों पार्षद ऐसे हैं जिन्होंने सरकारी जगह पर कब्जा कर अपना दफ्तर बना लिया है. इसमें बीजेपी से लेकर आम आदमी पार्टी दोनों शामिल हैं. वहीं मौजूदा पार्षदों के साथ- साथ पूर्व मेयर भी शामिल हैं.

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दिल्ली के सफाई करने के लिए तैनात सफाई कर्मचारियों को दिए गए शेल्टर होम में निगम पार्षदों ने अपने दफ्तर बना लिए हैं. भले ही एमसीडी में बीजेपी काबिज हो इसके बावजूद सरकारी जगह कब्जा कर अपना दफ्तर बनाने में सभी दलों के लोग शामिल हैं.

बता दें कि नगर निगम ने अपने सफाई कर्मचारियों के रेस्ट रूम के तौर पर उपलब्ध कराए हैं. यानी दिन भर काम करने के बाद उनके ठहरने और उनकी अटेंडेंस वगैरह का काम यही होता है.

पूर्वी दिल्ली के किशन कुंज वार्ड में ही बने सफाई कर्मचारियों के रेस्ट रूम में पार्षद हिमांशी पांडे ने दफ्तर बना लिया है. साथ ही उसके अंदर सारी सुविधाओं का भी इंतजाम कर लिया है. दो बड़े-बड़े बोर्ड लगा दिए हैं और साथ ही मिलने का वक्त भी लिख दिया है.

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हालांकि जब इस मामले में 'आजतक' ने हिमांशी पांडे से बात की तो उन्होंने इसमें कुछ भी गलत होने से इंकार कर दिया. हिमांशी ने कहा कि हम जनता की सेवा कर रहे हैं. उन्होंने कहा, 'यह जगह मैं अपने व्यक्तिगत काम के लिए इस्तेमाल नहीं करती हूं. मैं जनता का ही काम करती हूं. मैंने पूरी जगह नहीं ली है थोड़ा सा स्पेस लिया है. जो नेता आरोप लगा रहे हैं जरा उनके बारे में पता कर लीजिए उन्होंने कितनी जमीन कब्जा की हुई है.'

वहीं पांडव नगर थाने के पास बने सफाई कर्मचारियों के रेस्ट रूम को मयूर विहार की निगम पार्षद भावना मलिक ने अपना दफ्तर बना लिया है. मयूर विहार-2 की निगम पार्षद भावना मलिक ने भी रेस्ट रूम को अपना दफ्तर बना दिया और बड़े-बड़े बोर्ड लगा दिए हैं. पास में ही कई सफाई कर्मचारी बैठे थे हालांकि सीधे बोलने से वह बच रहे थे लेकिन उन्होंने माना कि यह उनका दफ्तर है जिसे बीजेपी पार्षद ने अपना बना लिया.

दफ्तर कब्जा करने में आम आदमी पार्टी के पार्षद भी पीछे नहीं है ईस्ट विनोद नगर से आम आदमी पार्टी के पार्षद गीता रावत ने अंबेडकर पार्क के अंदर बने हॉर्टिकल्चर विभाग के दफ्तर को अपना दफ्तर बना लिया है. यहां पर गीता रावत का हालांकि गीता इस बात को गलत नहीं मानती.

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उनका कहना है, 'जहां पर मेरा दफ्तर है वह जगह हॉर्टिकल्चर विभाग की है. आप पता कर लीजिए केवल 6 लोग हैं उसमें से दो छुट्टी पर रहते हैं चार लोग हैं उनके बैठने के लिए वहां पर बहुत जगह है. उल्टा वहां का चाय पानी सब मेरे पैसे से होता है. किसी से भी पूछ लीजिए कोई भी परेशान नहीं है सब खुश हैं.'

हालांकि सफाई कर्मचारियों के विरोध को देखते हुए और मीडिया में यह बात उठती हुई देखकर कुछ पार्षद बैकफुट पर आ गए. पूर्वी दिल्ली की निगम पार्षद और मेयर रही नीमा भगत ने दफ्तर की चाबी सफाई कर्मचारियों को देने की बात की है. नीमा भगत ने सफाई कर्मचारियों के दफ्तर को तो अपना खुद का दफ्तर बना लिया वहां पर फ्रिज से लेकर वाटर कूलर तक की सभी सुविधाएं रख दी हैं.

बता दें कि सफाई कर्मचारी यूनियन ने बीते दिनों यहां पर प्रदर्शन किया था. यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संजय गहलोत ने कहा कि यह कर्मचारियों के साथ धोखा है. इतनी तपती धूप में उनको कहीं रुकने की जगह नहीं है. कुछ कर्मचारी बस स्टॉप में रुके हैं तो कुछ पेड़ के नीचे. उनके दफ्तर की मांग पुरानी है और जब दफ्तर मिले तो उस पर पार्षदों ने कब्जा कर लिया.

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पूर्वी दिल्ली नगर निगम मेयर विपिन बिहारी मिश्रा ने कहा, 'यह बहुत गलत है. अभी- अभी यह बात मेरी संज्ञान में आई है. मैं तुरंत ही इन सभी पार्षदों को जगह खाली करने के लिए बोल दूंगा. अगर वह ऐसा नहीं करेंगे तो उन पर कार्रवाई भी होगी. लेकिन केवल बीजेपी नहीं सभी पार्टियों के पार्षद ने ऐसा किया.'

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