दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में प्री‑मॉनसून गतिविधियां अब और तेज हो गई हैं. मार्च के अंत में ही राजधानी में हवा में नमी बढ़ने लगी थी, जिससे बादलों के साथ गरज‑चमक और बारिश देखी गई. बारिश से तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली.
मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर धीरे‑धीरे उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है और इसके साथ एक नया मौसम संचरण 2 अप्रैल को क्षेत्र में पहुंचने वाला है. इसके चलते 3 से 5 अप्रैल के बीच दिल्ली‑एनसीआर, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में गरज‑चमक, बारिश तथा तेज हवाओं की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं. यही मौसमी सिस्टम मौसम को अधिक सक्रिय बनाए रखेगा और शाम तथा रात के समय बारिश के कई दौर देखने को मिल सकते हैं.
हालांकि 2 अप्रैल को मौसम थोड़ा शांत दिखाई देगा, लेकिन उसके बाद फिर से प्री‑मॉनसून गतिविधियों का असर वीकेंड तक जारी रहने की उम्मीद है. इन गतिविधियों के चलते दिन का तापमान आमतौर पर 30°C के आसपास या उससे थोड़ा ऊपर रहने की संभावना है और फिलहाल इस दौरान हीटवेव जैसी परिस्थिति के संकेत नहीं मिल रहे हैं.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्री‑मॉनसून के इस दौर में बादलों, हवाओं और गरज के साथ बारिश होने की वजह से हवा में नमी बनी रहेगी और तापमान थोड़ा नियंत्रित रहेगा. दिल्ली‑एनसीआर के लोगों के लिए यह मौसम सामान्य से थोड़ा अलग अनुभव होने वाला है, क्योंकि बारिश और बारिश के बाद के बदलाव से वातावरण में ठंडक का अहसास भी होगा.
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