दिल्ली में 9 मेट्रो स्टेशनों के नाम बदले, पीतमपुरा अब कहलाएगा मधुबन चौक

दिल्ली सरकार की राज्य नाम प्राधिकरण ने नौ मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में 21 प्रस्तावों पर विचार किया गया. सात नामों में संशोधन, दो का पूर्ण नाम परिवर्तन और 12 नाम यथावत रखने का निर्णय लिया गया. सरकार का कहना है कि बदलाव स्थानीय पहचान और जनभावनाओं के अनुरूप किए गए हैं.

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One of the three approved corridors are RK Ashram Marg to Indraprastha (via Central Vista). (Representative photo) One of the three approved corridors are RK Ashram Marg to Indraprastha (via Central Vista). (Representative photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 10:08 PM IST

दिल्ली सरकार की राज्य नाम प्राधिकरण ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में राजधानी के नौ मेट्रो स्टेशनों के नामों में बदलाव किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, कुल 21 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 12 नाम यथावत रखे गए, सात में संशोधन किया गया और दो स्टेशनों का नाम पूरी तरह बदल दिया गया.

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न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक संशोधित नामों में उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार (पूर्व में प्रशांत विहार), जगतपुर-वजीराबाद (पूर्व में जगतपुर), नानक प्याऊ-डेरावल नगर (पूर्व में डेरावल नगर), खानपुर-वायुसेनाबाद (पूर्व में खानपुर), नानकसर-सोनिया विहार (पूर्व में सोनिया विहार), श्री राम मंदिर मयूर विहार (पूर्व में मयूर विहार पॉकेट-1) और मंगोलपुर कलां-वेस्ट एन्क्लेव (पूर्व में वेस्ट एन्क्लेव) शामिल हैं.

9 स्टेशनों के नाम में बदलाव

इसके अलावा, नॉर्थ पीतमपुरा का नाम बदलकर हैदरपुर विलेज और पीतमपुरा का नाम मधुबन चौक किया गया है. सरकार का कहना है कि यह बदलाव स्थानीय पहचान और क्षेत्रीय महत्व को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं.

वहीं, मजलिस पार्क, भलस्वा, हैदरपुर बादली मोड़, दीपाली चौक, यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सूरघाट, झरोड़ा मजरा, बुराड़ी, पुष्पांजलि और मौजपुर-बाबरपुर जैसे स्टेशनों के नाम यथावत रखे गए हैं.

सीएम रेखा गुप्ता ने लिया फैसला

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेट्रो स्टेशन केवल आवागमन के केंद्र नहीं होते, बल्कि वो अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का प्रतिनिधित्व भी करते हैं. नामों को अंतिम रूप देने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की राय पर विचार किया गया.

सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी यदि जनभावनाओं और स्थानीय पहचान के अनुरूप उचित प्रस्ताव मिलते हैं, तो उन पर विचार किया जाएगा.


 

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