दिल्ली वालों के लिए मेट्रो किसी लाइफलाइन से कम नहीं है, लेकिन गुरुवार की शाम जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर जो हुआ, उसने सबको डरा दिया. शाम के करीब 6 बज रहे थे, लोग दफ्तरों से घर लौट रहे थे कि तभी अचानक धमाकों जैसी तेज आवाजें सुनाई दीं. आवाज इतनी जोरदार थी कि स्टेशन पर मौजूद यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. गुलाबी लाइन पर बुराड़ी की तरफ जाने वाली मेट्रो में तुरंत अनाउंसमेंट हुआ और जल्दबाजी में सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
शुरुआत में तो लोग डर गए कि कहीं कोई बड़ी अनहोनी न हो गई हो, लेकिन जब पुलिस और सीआईएसएफ ने जांच की, तो असली वजह सामने आई. मामला किसी साजिश का नहीं, बल्कि एक 'कटी पतंग' का निकला. दरअसल, स्टेशन के पास कुछ बच्चे पतंग उड़ा रहे थे और उनका मांझा सीधे मेट्रो की हाई-वोल्टेज बिजली वाली तारों में जाकर फंस गया. जैसे ही मांझा दो पावर केबल्स के बीच आया, जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ, धमाके की आवाज आई और हल्की सी आग लग गई.
राहत की बात ये रही कि इस पूरे वाकये में किसी को खरोंच तक नहीं आई. डीसीपी मेट्रो ने साफ किया है कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं. धमाके के तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए थे और हालात को काबू में कर लिया गया. हालांकि, इस वजह से कुछ देर के लिए इस रूट पर मेट्रो की रफ्तार थम गई और यात्रियों को थोड़ी परेशानी जरूर हुई.
हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने साफ किया कि जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास कोई धमाका नहीं हुआ था और सोशल मीडिया पर चल रही विस्फोट की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया. DMRC ने एक बयान जारी कर बताया कि यह पूरी घटना 'पेंटोग्राफ फ्लैशिंग' की वजह से हुई, जो तब हुई जब पतंग का मांझा मेट्रो के ओवरहेड तार और पेंटोग्राफ के बीच फंस गया था. इसके कारण हल्की सी चमक और एक असामान्य आवाज जरूर आई, लेकिन इससे यात्रियों को कोई खतरा नहीं हुआ और न ही मेट्रो सेवाओं पर कोई असर पड़ा.मेट्रो रेल निगम ने स्पष्ट किया कि ट्रेन का संचालन पूरी तरह सामान्य रहा और कहीं कोई नुकसान नहीं हुआ है. साथ ही, सावधानी के तौर पर DMRC ने लोगों से अपील की है कि वे हाई-वोल्टेज वाली मेट्रो लाइनों के पास पतंग न उड़ाएं, क्योंकि यह खतरनाक होने के साथ-साथ सेवाओं में भी रुकावट डाल सकता है.
क्यों अहम है ये स्टेशन?
जाफराबाद मेट्रो स्टेशन उत्तर-पूर्वी दिल्ली का वो हिस्सा है जहां पैर रखने की जगह नहीं मिलती. सीलमपुर, मौजपुर, भजनपुरा और यमुना विहार जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लिए यह सबसे बड़ा सहारा है. पिंक लाइन पर होने की वजह से यहां छात्र, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग बड़ी संख्या में जुटते हैं. शुक्र है कि समय रहते स्थिति संभल गई और एक बड़ा हादसा होने से बच गया.
अरविंद ओझा