दिल्ली में विधानसभा में घुसपैठ के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है कि आरोपी सरबजीत सिंह का मकसद अपने भतीजे के लापता होने का मामला उजागर करना था. आरोपी को गिरफ्तार के बाद आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा गया है, जहां उससे लगातार पूछताछ चल रही है. पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है.
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी सरबजीत सिंह का भतीजा 1 अप्रैल से लापता है. पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर पुलिस स्टेशन में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है. आरोपी को भरोसा था कि उसकी हरकतों के बाद पुलिस अधिकारी उसके भतीजे के लापता होने से जुड़ी उसकी शिकायत को समझेंगे और कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे.
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के परिवार ने दावा किया है कि वो मानसिक रूप से परेशान है और उसका इलाज चल रहा है, लेकिन पुलिस इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं हैं. आरोपी शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है. उसके परिवार द्वारा किए गए सभी दावों की जांच शुरू कर दी गई है. आरोपी आर्थिक रूप से संपन्न है. फरवरी में ही कार खरीदी थी.
गिरफ्तारी के बाद आरोपी सरबजीत सिंह को अदालत में पेश किया गया, जहां उसे आठ दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. हिरासत के दौरान, पुलिस उसके आने-जाने के रास्तों, मुख्य मकसद, CCTV फुटेज की जांच करेगी और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ेगी. पुलिस ने 10 दिनों की हिरासत मांगी थी, लेकिन आठ दिनों की मंजूर हुई है.
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी के बयानों की सत्यता की जांच होगी. पिछले कुछ दिनों में उसने जिन जगहों पर दौरा किया, उन्हें आपस में जोड़कर घटनाक्रम तैयार किया जाएगा. उसकी कार से कोई हथियार बरामद नहीं हुआ, लेकिन वह बेहद खतरनाक तरीके से गाड़ी चला रहा था, जिससे सुरक्षाकर्मियों की जान को गंभीर खतरा था.
जांच में यह भी पता चला कि आरोपी दिल्ली के रास्तों से अनजान था. उसने दो टैक्सी ड्राइवरों को अलग-अलग धार्मिक स्थानों पर जाने के लिए 2000 रुपए दिए थे. विधानसभा परिसर में घुसने के दो घंटे बाद उसको दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने दोनों टैक्सी ड्राइवरों से पूछताछ की, लेकिन अब तक उनकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है.
ये घटना सोमवार को दोपहर 2:10 बजे हुई, जब सरबजीत सिंह ने अपनी कार दिल्ली विधानसभा के गेट नंबर 2 से अंदर घुसा दी. उसने स्पीकर की गाड़ी में गुलदस्ता और माला रखी. इसके कुछ देर बाद उसी गेट से बाहर निकल गया. पूरी घटना पांच से सात मिनट में हुई. आरोपी के हरकतों से ऐसा लग रहा था कि वो लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहता था.
इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि आरोपी का परिवार दावा करता है कि वो मानसिक बीमारी से जूझ रहा है और शाहजहांपुर के अस्पताल में इलाज चल रहा था. परिवार के अनुसार सरबजीत सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ नारायणपुर में रहता था. उसका भतीजा हरमनदीप सिंह, जो दिल्ली में बीटेक का छात्र था, 1 अप्रैल को लापता हुआ.
परिवार ने बताया कि सरबजीत सिंह उस बात से नाराज था कि शुरू में उसे भतीजे के लापता होने की जानकारी नहीं दी गई. आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास, अपराध की तैयारी, सरकारी कर्मचारी के खिलाफ बल प्रयोग सहित कई धाराओं के तहत केस दर्ज है. सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम' की धारा 3 के प्रावधान जोड़े गए हैं.
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