दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) की नेता अतिशी के कथित बयान को लेकर सियासी घमासान और तेज हो गया है. बीजेपी विधायक और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अतिशी की टिप्पणी को लेकर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को औपचारिक पत्र लिखा है, वहीं दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी कड़ा बयान देते हुए अतिशी से सदन में उपस्थित होकर जवाब देने और उनके खिलाफ कार्रवाई तय करने की मांग की है.
दरअसल, यह विवाद गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर दिल्ली विधानसभा में हुई विशेष चर्चा से जुड़ा है. बीजेपी का आरोप है कि इस महत्वपूर्ण विषय पर न केवल अतिशी ने कुछ भी सकारात्मक नहीं कहा, बल्कि अपने शब्दों से सिखों के नौवें गुरु का अपमान भी किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं.
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने इस मुद्दे पर कहा, “गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी वर्ष पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया. विधानसभा में भी इस पर विशेष चर्चा हुई. लेकिन नेता प्रतिपक्ष अतिशी ने न तो इस विषय पर एक शब्द कहा और न ही गुरु के बलिदान का सम्मान किया. उल्टा, उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वह हमारे गुरुओं का अपमान है और इससे हमारी भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं.”
प्रवेश वर्मा ने आगे कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आम आदमी पार्टी की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री अतिशी ने गुरुओं का अपमान किया. उन्होंने कहा, “आज अतिशी सदन में मौजूद नहीं हैं. हम मांग करते हैं कि वह सदन में आएं और विधानसभा अध्यक्ष तय करें कि उन्हें क्या सजा मिलनी चाहिए.”
इससे पहले बीजेपी नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अतिशी के बयान पर सख्त कार्रवाई की मांग की. बीजेपी का कहना है कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान से जुड़ा मामला है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता.
शिरोमणि अकाली दल ने भी खोला मोर्चा
शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने भी आतिशी के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है. अकाली दल ने आतिशी के बयान को सिख गुरुओं का अपमान बताते हुए उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है. अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप क्लेर ने आतिशी की टिप्पणियों को 'अपमानजनक' और 'अशोभनीय' करार दिया. उन्होंने कहा, "आतिशी ने अपने बयानों से हमारे पूज्य गुरुओं का अपमान किया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता. इस कृत्य के लिए आतिशी की विधानसभा सदस्यता को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए."
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