यूट्यूब से सीखा तरीका, ऑनलाइन मंगाया कलर प्रिंटर... पति-पत्नी घर में छापने लगे नकली नोट

पैसों की तंगी और सिर पर चढ़े कर्ज ने एक गांव के पति-पत्नी को क्राइम की राह पर धकेल दिया. जल्दी पैसे कमाने की चाह में दोनों ने यूट्यूब से नकली नोट छापने का तरीका सीखा, ऑनलाइन कलर प्रिंटर मंगाया और घर में नकली करेंसी छापने लगे. साप्ताहिक बाजारों में इन नोटों को खपाने की कोशिश के दौरान दोनों रंगे हाथ पकड़े गए.

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पति-पत्नी प्रिंटर से घर पर छापने लगे नकली नोट. (Photo: ITG) पति-पत्नी प्रिंटर से घर पर छापने लगे नकली नोट. (Photo: ITG)

रघुनंदन पंडा

  • दुर्ग,
  • 31 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 4:48 PM IST

आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ ने एक गांव के दंपति को अपराध की राह पर धकेल दिया. छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने एक ऐसे पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने घर बैठे नकली नोट छापकर बाजारों में खपाने का रास्ता चुना. पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1 लाख 70 हजार के नकली नोट, एक कलर प्रिंटर, कागज और अन्य चीजें बरामद की हैं.

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पुलिस के अनुसार, आरोपी कपल की पहचान अरुण कुमार तुरंग और उसकी पत्नी राखी तुरंग के रूप में हुई है. दोनों आर्थिक संकट से जूझ रहे थे और सिर पर कर्ज था. इसी दबाव में उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट छापने का तरीका सीखा और ऑनलाइन कलर प्रिंटर व अन्य सामान मंगवा लिया. इसके बाद घर में ही नकली नोट छापकर आसपास के बाजारों में चलाने लगे.

पूरा मामला तब सामने आया, जब थाना रानीतराई क्षेत्र के साप्ताहिक बाजार में नकली नोट चलने की सूचना पुलिस को मिली. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. इसी दौरान बाजार में सब्जी बेचने आए तुलेश्वर सोनकर ने शिकायत में कहा कि एक पुरुष और महिला ने 60 रुपये की सब्जी खरीदकर 500 का नोट दिया. बाद में जब अन्य व्यापारियों ने नकली नोट चलने की बात कही, तो उसने अपने गल्ले की जांच की, जहां एक नकली नोट मिला.

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जांच के दौरान पुलिस ने बाजार में मौजूद अरुण तुरंग और उसकी पत्नी को संदिग्ध हालत में पकड़ लिया. तलाशी लेने पर उनके पास से नकली नोट मिले. पूछताछ में अरुण ने नकली नोट छापने और बाजार में चलाने की बात कबूल कर ली. पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले भी चोरी के मामले में जेल जा चुका है.

इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के घर पर छापा मारा. दोनों ग्राम सोनपैरी, मुजगहन जिला रायपुर के रहने वाले हैं. वहां से नकली नोट छापने में इस्तेमाल किया गया कलर प्रिंटर, कागज और कुल 1,70,500 की फेक करेंसी मिली. इनमें 100, 200 और 500 के नकली नोट थे. इनमें से कुछ नोट बाजार में चलाए जा चुके थे, जबकि कुछ नोट आगे खपाने की तैयारी थी.

पूरे मामले को लेकर एसएसपी ने क्या बताया?

दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा कि दो आरोपी पकड़े गए हैं, उनके पास से कलर प्रिंटर मिला है और लगभग एक लाख 70 हजार के नकली नोट मिले हैं. ये नोट अपने गांव सोनपैरी में छापे थे. इन्होंने पाटन के मार्केट में कुछ नोट चलाए, तो कुछ नोट रानीतराई के बाजार में चलाने की कोशिश की थी.

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पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद उन्हें पकड़ लिया गया. आरोपियों के पास से नकली नोट और नोट तैयार करने का सामान जब्त किया है. इन लोगों ने तरीका यूट्यूब से सीखा था. अभनपुर के पास सोनपैरी गांव के रहने हैं. कर्ज से पीड़ित थे, उसी से छुटकारा पाने के लिए इन लोगों ने ये रास्ता अपनाया. पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है. यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस नेटवर्क से और लोग तो जुड़े नहीं हैं, या अन्य बाजारों में भी नकली नोट चलाए गए हैं.

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