PM मोदी की अपील का असर, बैलगाड़ी पर निकली कांस्टेबल की बारात

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक पुलिस कांस्टेबल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत अपील से प्रेरित होकर अपनी शादी की बारात बैलगाड़ियों से निकाली. यह बारात दूल्हे के गांव डूमर्तराई से दुल्हन के घर तक पहुंची. इस अनोखी पहल की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इसे परंपरा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश माना जा रहा है.

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दूल्हे के गांव से दुल्हन के घर तक बैलगाड़ियों का अनोखा काफिला.  (Photo: Imran Khan/ITG) दूल्हे के गांव से दुल्हन के घर तक बैलगाड़ियों का अनोखा काफिला. (Photo: Imran Khan/ITG)

सुमी राजाप्पन / इमरान खान

  • नारायणपुर,
  • 14 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:30 PM IST

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में एक पुलिस कांस्टेबल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और मितव्ययिता की अपील से प्रेरित होकर अपनी शादी को खास बना दिया. कांस्टेबल ने अपनी बारात वाहनों के काफिले की जगह बैलगाड़ियों से निकाली. यह अनोखी बारात लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है. जानकारी के अनुसार, कांस्टेबल कुबेर देहरी नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक के गनमैन के रूप में तैनात हैं. उन्होंने 12 मई को अपने ही गांव डूमर्तराई में एक महिला से विवाह किया. उनकी दुल्हन का गांव वहां से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

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शादी के मौके पर कुबेर देहरी ने तय किया कि वह पारंपरिक वाहनों की जगह बैलगाड़ियों का उपयोग करेंगे. बारात बैलगाड़ियों के काफिले के रूप में दुल्हन के घर तक पहुंची. यह यात्रा एक किलोमीटर से अधिक दूरी तक चली. इस दौरान गांव के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे. इस पूरी बारात की वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आई, जो बुधवार शाम को वायरल हो गई. लोग इस अनोखी पहल को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं. कई लोग इसे परंपरा और संस्कृति से जुड़ा कदम बता रहे हैं.

दूल्हे के गांव से दुल्हन के घर तक बैलगाड़ियों का अनोखा काफिला

मीडिया से बातचीत में कांस्टेबल कुबेर देहरी ने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपरा ही हमारी असली पहचान है. इसे नई पीढ़ी को बचाकर रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील सिर्फ एक संदेश नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय हित में दिया गया निर्देश है. उन्होंने यह भी कहा कि देश के संसाधनों को बचाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है. इसलिए उन्होंने अपनी शादी में ईंधन बचाने और परंपरा को आगे बढ़ाने का फैसला किया.

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इस पहल की सराहना छत्तीसगढ़ सरकार के वन मंत्री केदार कश्यप ने भी की. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का पालन करते हुए नारायणपुर के डूमर्तराई के कुबेर देहरी ने अपनी बारात बैलगाड़ियों से निकाली. उन्होंने कहा कि यह सरलता और परंपरा से जुड़ी शादी पर्यावरण संरक्षण का एक सुंदर संदेश देती है. यह पहल दिखाती है कि आधुनिकता के साथ-साथ परंपराओं और राष्ट्रीय जिम्मेदारी को भी निभाया जा सकता है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुई सादगी और संस्कृति की यह शादी

स्थानीय लोगों ने भी इस बारात को एक अलग अनुभव बताया. लोगों का कहना है कि जहां आजकल शादियों में लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, वहीं इस तरह की सादगी भरी बारात एक अच्छा संदेश देती है. यह अनोखी शादी अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे परंपरा, सादगी और पर्यावरण संरक्षण के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है.
 

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