स्कूटी सवार मां बेटी की दर्दनाक मौत, बैलेंस बिगड़ने से गिरीं, ट्रक ने रौंदा

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के दर्री थाना क्षेत्र में रविवार रात दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार मां-बेटी की हाइवा ट्रक से कुचलकर मौत हो गई. तेज रफ्तार बाइक से संतुलन बिगड़ने के बाद दोनों सड़क पर गिरीं और ट्रक की चपेट में आ गईं. हादसे के बाद लोगों ने चक्काजाम किया, पुलिस फरार चालक की तलाश में जुटी है.

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स्कूटी सवार मां बेटी की दर्दनाक मौत, ट्रक ने रौंदा (Photo : representational image) स्कूटी सवार मां बेटी की दर्दनाक मौत, ट्रक ने रौंदा (Photo : representational image)

गेंदलाल शुक्ल

  • कोरबा,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:45 AM IST

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हुए सड़क हादसे में मां और बेटी की ट्रक के पहियों से कुचल जाने से दर्दनाक मौत हो गई. हादसा जिले के दर्री थाना क्षेत्र का है. रविवार देर शाम 8 बजे कोरबा के कोहड़िया वार्ड की निवासी राम कुमारी वर्मा अपनी बेटी रेणु वर्मा के साथ दर्री बाजार से सब्जी खरीदकर स्कूटी से घर लौट रही थीं. इसी दौरान शाम लगभग 8 बजे जब वे दर्री मुख्य शहर से गुजर रहे तभी हादसे का शिकार हो गए.

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मां बेटी के बगल से एक मोटरसाइकिल सवार तेजी से निकाला जिसके कारण स्कूटी का बैलेंस बिगड़ा और वे सड़क पर गिर पड़े. जिस वक्त वह दोनों सड़क पर गिरे, ठीक उसी समय तेज रफ्तार से आ रहे हाइवा ट्रक ने इन्हें चपेट में ले लिया. वाहन का पहिया दोनों के सिर के ऊपर से गुजर गया. मौके पर ही मां-बेटी की मौत हो गई.

दुर्घटना के बाद भारी वाहन का चालक वाहन सहित मौके से भाग निकला. वहीं हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क पर इकट्ठा होकर चक्काजाम कर दिया. दुर्घटना की सूचना मिलते ही दर्री थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गई है. जन आक्रोश को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और करीब 3 घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई. यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब जिला पुलिस सड़क सुरक्षा माह मना रही है और यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्रयास कर रही है.

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बता दें कि दर्री क्षेत्र के लोग लंबे समय से भारी वाहनों की रफ्तार पर न सिर्फ लगाम लगाने बल्कि उनके आवागमन के तौर तरीके में भी सुधार की मांग करते आ रहे हैं. क्षेत्र में ओवरलोड और भारी वाहनों की आवाजाही से सामान्य लोगों का आना-जाना मुश्किलों भरा हो गया है. साथ ही राखड़परिवहन में लगे वाहन एक- दूसरे से आगे निकलने के होड़ में लोगों की जान जोखिम में डाल देते हैं. ज्यादा फेरे लगाने के चक्कर में भी इनकी संख्या और रफ्तार दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है.




 

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