जेडीयू MLA ने कंटेनमेंट जोन का बैरीकेड जबरन हटाया, वीडियो वायरल होने पर कहा- पेट में प्रेशर था, इसलिए ऐसा किया

कोरोना के नए केसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पिछले कुछ दिनों से बिहार में कंटेनमेंट जोन जैसे उपायों को अपनाया जा रहा था. लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी जेडीयू के एक विधायक ने 4 मई की रात को जो किया, वो चर्चा का विषय बना हुआ है.

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जेडीयू विधायक गोपाल मंडल जेडीयू विधायक गोपाल मंडल

aajtak.in

  • भागलपुर,
  • 06 मई 2021,
  • अपडेटेड 8:59 PM IST
  • भागलपुर के नवगछिया बाजार की घटना
  • कोरोना केस अधिक होने पर सील था एरिया

देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना के कहर को देखते हुए वहां की सरकारें लॉकडाउन, कोरोना कर्फ्यू का ऐलान कर रही है. बिहार में नीतीश कुमार सरकार ने भी 5 मई से 15 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन लागू किया है. लेकिन कोरोना के नए केसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पिछले कुछ दिनों से बिहार में कंटेनमेंट जोन जैसे उपायों को अपनाया जा रहा था. लेकिन सत्तारूढ़ पार्टी जेडीयू के एक विधायक ने 4 मई की रात को जो किया, वो चर्चा का विषय बना हुआ है.

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एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि रात का वक्त है और लकड़ी के एक बैरीकेड से कुछ दूर पर एक वाहन खड़ा है जिसकी हेडलाइट्स जली हुई हैं. थोड़ी देर इंतजार करने के बाद कुछ लोग बैरीकेड को तोड़ कर हटा देते हैं, रास्ता साफ हो जाता है और वाहन वहां से चला जाता है. 

बताया जा रहा है कि वाहन पर गोपालपुर से तीन बार चुने जा चुके जेडीयू विधायक गोपाल मंडल उर्फ नरेंद्र कुमार नीरज सवार थे. बाद में गोपाल मंडल ने वीडियो में अपने और समर्थकों के होने की पुष्टि की. ये घटना भागलपुर जिले नवगछिया बाजार के पास हुई. इस क्षेत्र को कोरोना के केस अधिक होने की वजह से कंटेनमेंट घोषित किया गया है. तभी वहां वाहनों को रोकने के लिए बैरीकेडिंग की गई थी.  

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दरअसल क्षेत्र के लोगों ने आपत्ति जताई थी कि आम लोगों पर तो बहुत सख्ती बरती जाती है लेकिन विधायक खुद बैरिकेड तोड़ने जैसी हरकतें कर रहे हैं. मीडियाकर्मियों ने ये सवाल विधायक गोपाल मंडल के सामने उठाया तो उन्होंने माना कि बैरिकेडिंग उन्होने ही हटवाई थी. उन्होंने इसके लिए जो वजह बताई, वो और भी अनोखी थी. गोपाल मंडल के अनुसार उनके पेट में प्रैशर था इसलिए पाखाना जाना था. फिर तपाक से उन्होंने ये भी जोड़ दिया कि उन्हें भूख भी लगी हुई थी. 

गोपाल मंडल ने कहा, “अगर हम किसी को फोन करके बुला कर हटाने के लिए कहते हैं और उस पर वीडियो कॉलिंग करके हम पर मुकदमा कर सकता था इसलिए हम नहीं कहे. वैसे तो सेना कहिए, राजा कहिए, हम लड़ाकू आदमी है हम सब काम अपने से करते हैं, किसी कार्यकर्ता को कुछ नहीं होने देंगे, अपने से बंदूक राइफल लेकर उतरेंगे और जो देना होगा वो देंगे. कार्यकर्ता ऐसा करता तो फंस जाता. प्रशासन को वैसे उठाने गिराने वाला बैरियर लगाना चाहिए था जिसके पास आदमी बैठे रहते. हम उस वक्त प्रशासन में किससे कहते, हम तो वहां फंस गए थे. हमको पाखाना लगा हुआ था, हम कैसे वहां से निकलते थे. दोनों ही बात थी, पाखाना भी लगा हुआ था और भूख भी लगी हुई थी.” 

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विधायक की इन बातों से दबंगई भी दिखती है कि वो कार्यकर्ता की जगह खुद ही कानून के विपरीत कुछ करें तो उनका कुछ नहीं होगा. दरअसल, नवगछिया बाजार से अस्पताल जाने वाली रोड को जिला प्रशासन एवं सदर एसडीओ के आदेश पर पूरी तरह सील कर दिया गया था. नौगछिया बाजार में कोरोना संक्रमण के मामले बहुत अधिक बढ़ गए थे,. इसको देखते हुए जिला प्रशासन का आदेश था कि कोई भी दुकान चाहे वह दवा का हो या राशन की वह नहीं खुलेगी. 

महामारी एक्ट के तहत होगी कार्रवाई

बैरीकेडिंग तोड़ने की इस हरकत पर कोई कार्रवाई न होने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर पक्षपात के आरोप लगने लगे तो नौगछिया प्रशासन हरकत में आया और जांच के आदेश दिए गए. ये भी कहा गया कि महामारी एक्ट के तहत कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी. लेकिन प्रशासन को जब पता चला कि जेडीयू विधायक गोपाल मंडल ने बैरिकेडिंग रात में जबरन खोल कर अपनी गाड़ी पास कराई तो वो भी पसोपेश में पड़ गया. अब देखना होगा कि गोपाल मंडल के खिलाफ कोई कार्रवाई होती है या नहीं. 

गोपाल मंडल का नाम पहले भी दबंगई की वजह से विवादों में रहा है. इनमें किसी समारोह के वक्त बारबालाओं का डांस कराना हो या जमीन कब्जे के लिए फायरिंग, ऐसे आरोप भी उन पर पूर्व में लग चुके हैं. 

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(रिपोर्ट- राजीव सिद्धार्थ)

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