आजकल ज्यादातर घरों में लोग पीने के पानी को साफ बनाने के लिए महंगे-महंगे RO फिल्टर का इस्तेमाल करते हैं. पहले जहां महंगे होने की वजह से ये कुछ ही घरों में देखने को मिलता था, वहीं अब इसे लगभग हर घर में इंस्टॉल किया जाता है. RO लगवाकर लोग निश्चिंत रहते हैं कि वह सुरक्षित पानी पी रहे हैं.
लेकिन अगर हम कहें कि आप जिस पानी को सुरक्षित मानकर रोजाना पी रहे हैं वो भी एक गलती की वजह से आपको बीमार बना सकता है. रिसर्च में पता चला है कि RO मशीन पानी को फिल्टर तो सही तरीके से कर रही है, लेकिन फिल्टर होने के बाद पानी को रखने और इस्तेमाल करने में की जाने वाली छोटी-छोटी गलतियां उसमें बैक्टीरिया पनपने देती है. यानी अगर पानी को सही तरीके से स्टोर और हैंडल न किया जाए, तो RO का साफ पानी भी सेहत के लिए खतरा बन सकता है.
हर 3 में से 1 सैंपल में मिला ई कोली बैक्टीरिया
आईआईटी मद्रास और साथ ही अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों ने चेन्नई के 216 घरों की टेस्टिंग की. इन सभी घरों में RO फिल्टर लगे हुए थे. रिसर्च के दौरान 262 फिल्टर किए गए पानी के सैंपल लिए गए, जिनमें से 81 सैंपल में ई कोली नामक एक बैक्टीरिया पाया गया. ई कोली एक ऐसा बैक्टीरिया है जो आमतौर पर इंसानों और जानवरों की आंतों में पाया जाता है. ये पानी में गंदगी और ह्यमन या जानवरों के वेस्ट के जरिए पहुंचता है. इसके कारण डायरिया, पेट दर्द, उल्टी और गंभीर मामलों में किडनी से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. बच्चे और बुजुर्ग इसकी वजह से ज्यादा बीमार पड़ते हैं.
ये लापरवाही बन रही खतरा
रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि RO मशीन अपना काम सही तरीके से कर रही थी. लेकिन असली समस्या तब शुरू होती है जब फिल्टर किया हुआ पानी घर में स्टोर किया जाता है. अगर पानी रखने वाला बर्तन ठीक से साफ न हो, खुला रखा जाए या उसे नल के पानी से धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जाए, तो बैक्टीरिया आसानी से साफ पानी में पहुंच सकते हैं. यानी फिल्टर के बाद की गई छोटी-छोटी गलतियां भी पानी को दोबारा गंदा बना सकती हैं और आपके बीमार पड़ने का कारण बन सकती हैं.
घरों में पानी कैसे हो रहा है दूषित?
कई घरों में लोग RO का पानी स्टील या प्लास्टिक के कंटेनर में भरकर रखते हैं. लेकिन दिक्कत ये है कि अक्सर इन बर्तनों को रोज साफ नहीं किया जाता या ढककर नहीं रखे जाता है. कुछ लोग उसी डिब्बे में बार-बार पानी भरते रहते हैं, जिससे बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ जाता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कंटेनर को सीधे नल के पानी से धोकर तुरंत RO का पानी भर दिया जाए, तो भी साफ पानी दूषित हो सकता है.
स्टडी में ये भी सामने आया कि जिन घरों में लोग ज्यादा पढ़े-लिखे थे, वहां पानी में बैक्टीरिया कम मिले. पोस्टग्रेजुएट पढ़े-लिखे लोगों के घरों में 36 प्रतिशत सैंपल दूषित पाए गए, जबकि कम पढ़े-लिखे परिवारों में ये आंकड़ा 83 प्रतिशत तक पहुंच गया. रिसर्चर्स का मानना है कि जागरुक लोग पानी रखने के तरीके, कंटेनर की सफाई और RO की सर्विसिंग पर ज्यादा ध्यान देते हैं.
हालांकि स्टडी में ये भी पाया गया कि RO सिस्टम पानी की क्वालिटी सुधारने में असरदार हैं. फिल्टर के बाद पानी में घुले हुए सॉलिड्स, गंदलापन और हार्डनेस काफी कम हो गई थी. यानी RO मशीनें पानी साफ कर रही हैं, लेकिन बाद की लापरवाही उस मेहनत को बेकार कर सकती है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क