पिज्जा-बर्गर जैसे जंक फूड छीन रहे पिता बनने का सुख! डॉक्टर्स ने दी चेतावनी

जंक फूड का सेवन सिर्फ पेट नहीं भर रहा, बल्कि यह पुरुषों की मर्दानगी पर भी हमला कर रहा है. हार्वर्ड और अन्य मेडिकल रिसर्चों की मानें तो प्रोसेस्ड फूड स्पर्म काउंट और क्वालिटी को तेजी से गिरा रहे हैं.

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पुरुषों की प्रजनन क्षमता को दीमक की तरह चाट रहा है फास्ट फूड. (Photo: AI Generated) पुरुषों की प्रजनन क्षमता को दीमक की तरह चाट रहा है फास्ट फूड. (Photo: AI Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 31 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:40 AM IST

आज के समय में जंक फूड हर इंसान की पहुंच में हैं. फोन उठाया, ऑनलाइन फूड ओपन की और कर दिया ऑर्डर. लोग ऑफिस में बैठे हों या फिर दोस्तों के साथ पार्टी कर रहे हों, अक्सर जंक फूड खाकर अपने मुंह का टेस्ट बढ़ाते हैं और क्रेविंग कम करते हैं. लेकिन आज के समय में पिज्जा-बर्गर सिर्फ स्वाद का नहीं, सेहत का भी बड़ा सवाल बनते जा रहे हैं. खासकर पुरुषों की फर्टिलिटी को लेकर नई-नई रिसर्च सामने आ रही हैं, जिनमें अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड को बड़ा कारण बताया जा रहा है.

ऑक्सफोर्ड अकेडमी की रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि जंक फूड का बढ़ता शौक पुरुषों में इनफर्टिलिटी यानी नपुंसकता का बड़ा कारण बन रहा है. यदि आप भी अधिक जंक फूड खाते हैं तो ये खबर आपके लिए हैं.

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क्या कहती है रिसर्च?

स्टडी के अनुसार, जो पुरुष नियमित रूप से पिज्जा, बर्गर, चिप्स और फ्राइज जैसे प्रोसेस्ड फूड का सेवन करते हैं, उनका स्पर्म काउंट उन पुरुषों के मुकाबले काफी कम पाया गया है जो हेल्दी डाइट लेते हैं. रिसर्च में पाया गया कि पश्चिमी स्टाइल की डाइट स्पर्म बनाने वाली 'सर्टोली सेल्स' को नुकसान पहुंचाती है और वहीं हाई ट्रांस-फैट और प्रोसेस्ड फूड का सेवन टेस्टोस्टेरोन लेवल को भी प्रभावित कर सकता है.

ह्यूमन रिप्रोडक्शन जर्नल में पब्लिश रिपोर्ट बताती है कि हाई-शुगर और सैचुरेटेड फैट शरीर में सूजन पैदा करते हैं जिससे प्रजनन अंगों तक खून का बहाव प्रभावित होता है. जंक फूड में मौजूद ट्रांस-फैट और प्रिजर्वेटिव्स शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाते हैं. इससे न केवल शुक्राणुओं की संख्या कम होती है बल्कि उनकी गतिशीलता पर भी नेगेटिव असर पड़ता है.

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पैकेजिंग का जहर

जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया था. उनके मुताबिक, फास्ट फूड की पैकेजिंग में 'थैलेट्स' (Phthalates) जैसे केमिकल का इस्तेमाल होता है. गर्म पिज्जा या बर्गर जब इन पैकेट्स के संपर्क में आते हैं तो ये केमिकल खाने में घुल जाते हैं. शरीर में जाकर ये केमिकल हार्मोनल सिस्टम को बिगाड़ देते हैं जो सीधे तौर पर प्रजनन क्षमता को निशाना बनाते हैं.

मोटापा और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन

जंक फूड में कैलोरी कापी अधिक होती है जो कि वजन बढ़ाती हैं. शरीर का बढ़ता वजन टेस्टोस्टेरोन के लेवल को गिरा देता है जिससे फर्टिलिटी घटने के साथ ही इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं. एक्सपर्ट्स की स्पष्ट सलाह है कि अगर आप भविष्य में पिता बनने का सपना देखते हैं तो अपनी थाली से इन चीजों को हटाना ही एकमात्र रास्ता है.

इसके अलावा प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट वाली चीजों को डाइट में शामिल करें. इसके साथ ही पर्याप्त नींद लें, एक्सरसाइज करें, वेट ट्रेनिंग करें और स्ट्रेस से दूर रहें.

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