कुत्ता काटने पर साबुन-पानी से घाव धोना रेबीज रोकने में कितना असरदार? क्या कहता है WHO

मेनका गांधी की बहन अंबिका शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रेबीज एक नाजुक वायरस है जिसे साबुन से धोया जा सकता है. इस दावे में कितनी सच्चाई है, इस बारे में बताएंगे.

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कुत्ते के काटने से रेबीज फैलता है. (Photo: Ai Generated) कुत्ते के काटने से रेबीज फैलता है. (Photo: Ai Generated)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2025,
  • अपडेटेड 2:39 PM IST

पिछले कुछ समय से कुत्ते के काटने के मामले काफी सुनने मिल रहे हैं और कई मामलों में लोगों की जान भी जा चुकी है. कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सड़कों से आवारा कुत्तों को यथाशीघ्र शेल्टर होम में स्थानांतरित करें. आवारा कुत्तों की समस्या को अत्यंत गंभीर बताते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार और संबंधित प्राधिकारियों को आवारा कुत्तों को उठाकर आश्रय स्थलों में रखने का आदेश दिया तथा इस अभियान में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी.

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इस आदेश को लेकर जगह-जगह विरोध भी देखा जा रहा है. कुछ दिन पहले पशु कल्याण कार्यकर्ता और मेनका गांधी की बहन अंबिका शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि रेबीज एक नाजुक वायरस है जिसे साबुन से धोया जा सकता है. अब अंबिका शुक्ला के इस बयान में कितनी सच्चाई है इस बारे में भी जान लीजिए.

अंबिका शुक्ला का दावा कितना सच है?

अंबिका शुक्ला का दावा आंशिक रूप से सच है कि घाव को तुरंत साबुन और पानी से कम से कम 10-15 मिनट धोने से बैक्टीरिया साफ हो जाते हैं लेकिन ये जानना भी काफी जरूरी है कि ये सिर्फ प्रारंभिक और क्विक प्रिकॉशन है ना कि पूरी तरह सुरक्षित इलाज. इसलिए पानी से धोने के बाद आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना है और सलाह के मुताबिक, वैक्सीन भी लगानी है. यह रेबीज के जोखिम को कम करती है.

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संदिग्ध जानवर काटे तो क्या करें?

कुत्तों के काटने का आतंक भारत में एक बड़ी चुनौती बन गया है. इकोनॉमिक्स टाइम्स के डेटा के अनुसार, देश में 2024 तक 37.17 लाख कुत्तों के काटने के मामले दर्ज किए गए यानी रोजाना 10 हजार से अधिक मामले.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि भारत में रेबीज से हर साल 18 से 20 हजार मौतें होती हैं, जो रेबीज से होने वाली मौतों का 36 प्रतिशत से अधिक है। आवारा कुत्तों के हमलों का सबसे अधिक खतरा 15 साल से कम उम्र के बच्चों को होता है.

के मुताबिक, जब जानवर को उकसाया जाए या मारने की कोशिश की जाए, तो वे काट सकते हैं. यदि आप अपने कुत्ते को खाते समय खाना हटाने की कोशिश करते हैं, अगर आप अपने पालतू जानवर को छेड़ते हैं तो भी जानवर काट सकते हैं. हालांकि, कुछ जानवरों के काटने का कारण अक्सर बिना उकसावे के भी होता है. बिना उकसावे के काटने की घटना भी काफी आम होती है, जो उनकी असुरक्षा या अग्रेसिव भावना को प्रदर्शित करती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, संदिग्ध पागल पशु के संपर्क की श्रेणी के लिए निम्नलिखित उपाय सुझाए गए हैं.

श्रेणी I- जानवरों को छूना या खिलाना, जानवरों द्वारा त्वचा को स्पर्श (कोई संपर्क नहीं)

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उपाय: खुली त्वचा की सतहों को धोना.

श्रेणी II: खुली त्वचा को चाटना, मामूली खरोंच या बिना खून निकले घर्षण (एक्सपोजर)

उपाय: घाव धोना और तत्काल वैक्सीनेशन

श्रेणी III: एक या अधिक काटने या खरोंच, जानवरों के चाटने से लार के साथ त्वचा या घाव का संपर्क (गंभीर जोखिम)

उपाय: घाव धोना, तत्काल टीकाकरण और रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन/मोनोक्लोनल एंटीबॉडी की वैक्सीन लेना

कुत्ते के काटने पर क्या करें?

अगर कोई कुत्ता काट लेता है, तो पहले 15 मिनट तक साबुन या बहते पानी से घाव को साफ करें। इसके बाद जीवाणुरोधी पट्टी लगाकर तुरंत डॉक्टर से मिलें। कुत्ते की स्थिति के आधार पर डॉक्टर आपको उचित इलाज देगा। इलाज आपके कुत्ते को रेबीज़ का टीका लगाया गया है या नहीं, इस पर निर्भर करेगा। यदि आपके कुत्ते को रेबीज का टीका लगाया गया है, तो आपको टेटनस का टीका भी देना होगा।

बच्चों को कुत्तों के काटने के खतरों और रोकथाम के बारे में शिक्षित करना चाहिए, जिसमें आवारा कुत्तों से बचना और किसी भी कुत्ते के पास अकेले नहीं छोड़ना शामिल है।

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