यूपीएससी की AIR 301 पर दो उम्मीदवारों ने ठोका दावा, कौन बोल रहा है सच?

यूपीएससी रिजल्ट के बाद सोशल मीडिया पर अजीब विवाद खड़ा हो गया. एक ही नाम- आकांक्षा सिंह- और एक ही रैंक 301 पर दो दावेदार सामने आ गईं. एक आरा से, दूसरी गाजीपुर से. दस्तावेजों और QR कोड की जांच में कई गड़बड़ियां सामने आईं, जिससे पूरे मामले पर सवाल और गहरे हो गए.

Advertisement
UPSC रिजल्ट के बाद एक रोल नंबर पर दो आकांक्षा सामने आईं (फोटो- ITG) UPSC रिजल्ट के बाद एक रोल नंबर पर दो आकांक्षा सामने आईं (फोटो- ITG)

फैक्ट चेक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 08 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:29 AM IST

यूपीएससी यानी संघ लोक सेवा आयोग ने 6 मार्च, 2026 को परीक्षा के परिणाम जारी किए. इसके कुछ समय बाद ही सोशल मीडिया पर, रिजल्ट से जुड़े एक विवाद को लेकर हंगामा खड़ा हो गया. वजह थी, यूपीएससी परीक्षा में दो उम्मीदवारों का एक ही रैंक पर दावा.मामला तब ज्यादा उलझ गया जब एक ही नाम वाली इन दोनों उम्मीदवारों ने अपना रोल नंबर भी एक ही बताया. 

Advertisement

पहली आकांक्षा सिंह बिहार के आरा की हैं और दूसरी यूपी के गाजीपुर की. बिहार की आकांक्षा सिंह का दावा है कि उन्होंने यूपीएससी में 301 वीं रैंक हासिल की है. तमाम न्यूज चैनलों के उनका इंटरव्यू किया.

इसके बाद यूपी की आकांक्षा सिंह ने भी फेसबुक पोस्ट के जरिए सफाई देते हुए अपना एडमिट कार्ड शेयर किया और बिहार की उम्मीदवार के दावों को झूठा बताया. उन्होंने इस सिलसिले में एक वीडियो भी जारी किया. 

हमारी जांच में बिहार की उम्मीदवार द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों में कई गड़बड़ियां सामने आईं.

QR कोड और रोल नंबर का झोल

बिहार की उम्मीदवार के पिता इंदू भूषण सिंह ने आज तक के साथ जो एडमिट कार्ड शेयर किया है उसमें उनका रोल नंबर ‘0856794’ लिखा हुआ है. वहीं, इसी एडमिट कार्ड पर एक QR कोड भी है. इसे स्कैन करने पर रोल नंबर ‘0856569’ नजर आता है. जाहिर है, किसी उमीदवार के एडमिट कार्ड पर लिखा रोल नंबर और उसी पर दिए गए QR कोड को स्कैन करने से दिखने वाला रोल नंबर, अलग-अलग नहीं हो सकते. हमने इस बात की पुष्टि यूपीएससी का मेन्स का एग्जाम दे चुके एक उम्मीदवार से बात करके भी की. 

Advertisement

यूपी वाली उम्मीदवार आकांक्षा सिंह के पर्सनैलिटी टेस्ट लेटर (जिसे e-Summon Letter भी कहा जाता है) पर भी रोल नंबर ‘0856794’ ही लिखा हुआ है. जब हमने इस पर मौजूद QR कोड को स्कैन किया तो यहां हमें रोल नंबर ‘0856794’ ही दिखा. पर्सनैलिटी टेस्ट लेटर उन उम्मीदवारों को जारी किया जाता है जिन्होंने 'मेन्स' (Mains) की लिखित परीक्षा पास कर ली है. यह पत्र इस बात का प्रमाण है कि आप सिविल सेवा परीक्षा के अंतिम चरण यानी साक्षात्कार (Interview) के लिए चुन लिए गए हैं.

बिहार उम्मीदवार के डॉक्यूमेंट्स  में कई गड़बड़ियां

इसके बाद हमने बिहार की आकांक्षा के परिवार से संपर्क किया और उनकी मुख्य परीक्षा (Mains) का एडमिट कार्ड मांगा. उन्होंने हमें जो एडमिट कार्ड भेजा उसमें कई गलतियां और गड़बड़ियां हैं. मिसाल के तौर पर इसमें फॉर्मेट का अलाइनमेंट एक जैसा नहीं है. स्पेलिंग की कई गलतियां हैं. Admit Card की स्पेलिंग तक गलत है. इसके अलावा पिता के नाम के साथ अपॉस्ट्रोफी (') है जबकि मां के नाम के साथ नहीं है. इसके अलावा इसपर मौजूद QR कोड में भी रोल नंबर अलग है. 

ये कैसा एडमिट कार्ड? 

इसके बाद हमने इसी साल यूपीएससी की मुख्य परीक्षा में बैठने वाले एक उम्मीदवार से संपर्क किया और उनका एडमिट कार्ड मांगा. जब हमने इसकी तुलना बिहार उम्मीदवार के एडमिट कार्ड से की, तो ये एकदम अलग निकला. हमें जो एडमिट कार्ड मिला, उसमें फॉर्म के अलग-अलग सेक्शन और हेडिंग हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लिखी हैं, जबकि बिहार कैंडिडेट के कार्ड में ये सिर्फ अंग्रेजी भाषा में लिखी हैं. दोनों का फॉर्मैट बिल्कुल मेल नहीं खाता. इसके अलावा असली एडमिट कार्ड पर यूपीएससी का वॉटरमार्क भी है जबकि बिहार उम्मीदवार के एडमिट कार्ड में ये गायब है.

Advertisement

पर्सनालिटी टेस्ट लेटर में भी निकलीं गड़बड़ियां

बिहार उम्मीदवार ने हमारे साथ पर्सनालिटी टेस्ट लेटर शेयर किया. ये लेटर असलियत में कैसा दिखता है, ये समझने के लिए हमने कुछ खबरों में छपे हुए 'लेटर फॉर पर्सनैलिटी टेस्ट' देखे. सभी में अंडर सेक्रेटरी के हस्ताक्षर और क्यूआर कोड हैं. यूपी वाली उम्मीदवार के लेटर में भी ये हैं. लेकिन बिहार की उम्मीदवार के पर्सनालिटी टेस्ट लेटर में ये दोनों ही चीजें नदारद मिलीं. 

बिहार उम्मीदवार अपने दावों पर अडिग

बिहार की आकांक्षा अब भी अपने दावों पर एकदम अडिग हैं और 301 वीं रैंक पर दावा ठोंक रही हैं. उनके परिवार का कहना है कि ये सब ये साजिश और प्रोपेगैंडा के तहत शेयर किया जा रहा है. उनका कहना है कि उनके पास DAF-2 लेटर है. ये लेटर तब जारी होता है जब उम्मीदवार ने यूपीएससी का इंटरव्यू दिया हो. वो ये यूपीएससी से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग कर रहे हैं.

रणवीर सेना सुप्रीमो ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं आरा की आकांक्षा

आरा की आकांक्षा सिंह, रणवीर सेना नाम के संगठन के प्रमुख स्वर्गीय ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती हैं. रणवीर सेना बिहार का एक जातीय संगठन है जिसका मकसद नक्सलियों से सवर्णों की जमीनों की रक्षा करना हुआ करता था. इस सेना ने नक्सलियों से कई खूनी जंग लड़ीं. ब्रह्मेश्वर मुखिया को 277 लोगों की हत्या के लिए आरोपी बनाया गया था. उन्होंने 9 साल जेल में काटे. साल 2012 में आरा में
ब्रह्मेश्वर मुखिया की हत्या कर दी गई थी.

Advertisement

वहीं, गाजीपुर की आकांक्षा सिंह ने पटना से एमबीबीएस की पढ़ाई की है और वो गाइनोकॉलॉजिस्ट हैं. उनके पिता रणजीत सिंह एयर फोर्स में जूनियर वॉरंट ऑफिसर हैं. 

---- समाप्त ----
इनपुट: रश्मि गुप्ता

TOPICS:
Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement