पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद कुछ जगहों पर हिंसा की घटनाएं सामने आईं थीं. 6 मई की रात को बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई जिसके बाद से तनाव की स्थिति बनी हुई है.
इस बीच सोशल मीडिया पर पश्चिम बंगाल का बताकर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. इसमें कुछ मुस्लिम लोग एक आदमी को घेरकर पीटते हुए नजर आ रहे हैं. ये लोग उस शख्स को कई बार थप्पड़ भी मारते हैं. इसे शेयर करने वालों का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के ये लोग इस शख्स को सिर्फ इसलिए पीट रहे थे क्योंकि उसने बंगाल में बीजेपी को वोट दिया था.
कुछ तो पीटने वाले लोगों को टीएमसी के कार्यकर्ता बताकर लिख रहे हैं कि ये लोग बंगाल में मिली हार पचा नहीं पा रहे हैं और बदले की भावना से हिंदुओं पर हमला कर रहे हैं. ऐसे ही एक पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो बांग्लादेश का है. भारत से इसका कोई लेना-देना नहीं है.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो में युवक को पीटने वाले लोगों ने एक खास तरह की टी-शर्ट पहनी हुई है. इस पर ‘हाथ के पंखे’ का एक निशान भी नजर आता है. दरअसल, ये बांग्लादेश की एक राजनीतिक पार्टी - "इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश" - का चुनाव चिह्न है. साफ है कि ये वीडियो भारत का नहीं हो सकता.
पार्टी के चुनाव चिह्न के अलावा टी-शर्ट पर मे-डे यानि मजदूर दिवस से जुड़ी जानकारी दी गई है. टी-शर्ट पर हाथ मिलाने का एक लोगो भी नजर आता है. अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस हर साल 1 मई को मनाया जाता है. इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश पार्टी ने इस साल मजदूर दिवस के दिन एक बड़ी रैली आयोजित की थी.
इस रैली में हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने पार्टी के चुनाव चिह्न वाली वही टी-शर्ट पहन रखी है. इसके अलावा मंच के बैनर पर भी हाथ मिलाने वाला लोगो देखा जा सकता है जो वायरल वीडियो में भी नजर आ रहा है.
वायरल वीडियो में बांग्ला में एक दुकान का नाम - "सरकार एंटरप्राइसेज" - भी नजर आता है. ये दुकान बांग्लादेश के Bogura में स्थित है. इसी दुकान पर जमुना गैस सिलेंडर का एक बैनर भी दिखाई देता है. ये बांग्लादेश की एक गैस एजेंसी है.
हमारी बात सरकार एंटरप्राइसेज नाम की इस दुकान के मालिक से हुई. उन्होंने बताया कि ये वीडियो इसी जगह का है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस घटना के बारे में उन्हें नहीं पता. उन्होंने बताया कि ये घटना मजदूर दिवस के दिन की हो सकती है, लेकिन इस दिन उनकी और आसपास की बाकी दुकानें बंद थीं, इसलिए वो इसके बारे में कुछ नहीं कह सकते. उन्होंने बताया कि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश पार्टी का ऑफिस भी इसी बिल्डिंग में है जहां कभी-कभी पार्टी के लोग आते-जाते हैं.
( इनपुट: सूरज उद्दीन मंडल )
अभिषेक पाठक