बंगाल में चुनाव नतीजे आने के बाद कई जगहों से हिंसा की खबरें सामने आई हैं. इन घटनाओं में अभी तक कम से कम तीन लोगों की जान जा चुकी है.
इसी बीच मीडियाकर्मी से बात करती हुई एक गुलाबी साड़ी वाली महिला का वीडियो वायरल हो रही है जिसके पूरे सिर पर पट्टी बंधी दिख रही है. कहा जा रहा है कि ये महिला चोटिल होने का नाटक कर रही थी लेकिन बातचीत के दौरान ही किसी ने उसकी पट्टी खींच कर सारी पोल-पट्टी खोल दी. पट्टी खुलने पर ये दिखता है कि उसके सिर पर चोट के कोई निशान नहीं हैं. महिला की पट्टी खुलते ही वहां मौजूद लोगों के बीच भीषण हाथापाई होने लगती है.
एक एक्स यूजर ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "चुनाव हारने" के बाद TMC वालों को भाजपा वालों ने पीटा है.. अब बेचारे अपनी बात रखना चाह रहे हैं, तो ये भाजपा वाले कैमरे के सामने भी इनको अपनी बात नहीं रखने दे रहे.. अरे पट्टी बाद में उतार देते."
द टाइम्स ऑफ इंडिया, टाइम्स नाउ, और न्यूज 18 मलयालम जैसे कई न्यूज आउटलेट्स ने अपनी रिपोर्ट्स में गुलाबी साड़ी वाली महिला को चोटिल होने का नाटक करती टीएमसी कार्यकर्ता बताया है.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो पश्चिम बंगाल का है और न ही हालिया चुनाव नतीजों से इसका कुछ लेना-देना है. ये बिहार का वीडियो है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से ये हमें 'मौर्य ध्वज एक्सप्रेस' नामक न्यूज आउटलेट के यूट्यूब चैनल पर 6 मई को अपलोड किया हुआ मिला. यहां वीडियो के वॉइसओवर में एक व्यक्ति कह रहा है कि ये वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर हो रहा है.
मौर्य ध्वज एक्सप्रेस के मुताबिक, ये मुजफ्फरपुर, बिहार के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) का वीडियो है. ये अस्पताल के स्ट्रेचर उठाने वाले कर्मचारियों और एक मरीज व उसके परिजनों के बीच हुए टकराव से संबंधित है.
हमने SKMCH हॉस्पिटल के कुछ वीडियो देखे और वायरल वीडियो से उनकी तुलना की. इससे साफ हो जाता है कि वायरल वीडियो इसी अस्पताल का है.
हमने इस बारे में मौर्य ध्वज एक्सप्रेस के एडिटर ब्रह्मदेव कुशवाहा से भी बात की. उन्होंने हमें बताया कि ये घटना तकरीबन एक हफ्ते पहले हुई थी और ये वीडियो उनके रिपोर्टर प्रेम शंकर ने बनाया था.
हमने वीडियो के बारे में और जानने के लिए रिपोर्टर प्रेम शंकर से भी संपर्क किया. उन्होंने आजतक को बताया कि ये वीडियो उन्होंने 28 अप्रैल को SKMCH हॉस्पिटल में बनाया था. प्रेम के अनुसार, उस दिन अस्पताल में स्ट्रेचर उठाने वाली एक महिला कर्मचारी, अपने सिर पर पट्टी बांधे हुए कुछ मीडियाकर्मियों को बता रही थी कि उसे एक मरीज के परिजनों ने पीटा है. ये देखकर मरीज तुरंत ही वहां आ गया और उसने महिला की पट्टी खींचकर निकाल दी.
प्रेम ने ये वीडियो 4 मई को ये वीडियो अपने फेसबुक अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा था, "मीडिया वालों को ये दिन भी देखना पड़ता है, हालांकि सभी पर कर्यवाई हुई."
प्रेम शंकर ने अपने फोन की मीडिया गैलरी में सेव किए हुए इस वीडियो का स्क्रीनशॉट आजतक के साथ शेयर किया. इसमें 28 अप्रैल तारीख साफ दिख रही है.
हमने इस बारे में कीवर्ड सर्च किया तो हमें इस घटना से जुड़ी 29 अप्रैल, 2026 को छपी कई न्यूज रिपोर्ट भी मिलीं. इन खबरों के मुताबिक, ये टकराव श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एमरजेंसी वार्ड में हुआ था. घटना के बाद अस्पताल के सुपरिटेंडेंट ने सिक्योरिटी एजेंसी को वहां मौजूद सभी स्ट्रेचर उठाने वाले कर्मचारियों को हटा देने का आदेश दिया था. बंगाल के चुनाव के नतीजे 4 मई को आए थे.
साफ है, बिहार का एक पुराना वीडियो अब चुनाव नतीजों के बाद टीएमसी कार्यकर्ता की चोटिल होने की नौटंकी के दावे के साथ शेयर हो रहा है.
ऋद्धीश दत्ता