फैक्ट चेक: स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में नहीं पड़ी है दरार, 2018 की तस्वीर शेयर करके फैलाया गया भ्रम

दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं? सोशल मीडिया पर एक तस्वीर के जरिए ये दावा किया जा रहा है. वायरल हो रही तस्वीर में सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति के पैर वाले हिस्से पर कुछ दरारें नजर आ रही हैं. आजतक की टीम ने सोशल मीडिया पर किए जा रहे को लेकर फैक्ट चेक किया है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” कभी भी गिर सकती है क्योंकि इसमें दरार पड़नी शुरू हो गई है.
सच्चाई
सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति की ये तस्वीर अक्टूबर 2018 की है, जब मूर्ति का निर्माण चल रहा था. हाल-फिलहाल में मूर्ति में दरार की कोई खबर नहीं आई है.

सत्यम तिवारी

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:41 PM IST

क्या दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” में दरारें पड़नी शुरू हो गई हैं? सोशल मीडिया पर एक  के जरिये यही दावा किया जा रहा है. तस्वीर में सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति के पैर वाले हिस्से पर कुछ दरारें नजर आ रही हैं. साथ ही मूर्ति पर सीढ़ियां टिकी भी देखी जा सकती हैं. 

एक एक्स ने वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, “कभी भी गिर सकती है। दरार पड़ना शुरू हो गयी।” ऐसे ही कैप्शन्स के साथ वायरल तस्वीर को  और पर भी खूब शेयर किया जा रहा है. ऐसे एक पोस्ट का आर्काइव्ड  देखा जा सकता है.

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दरअसल, गुजरात में भीषण बारिश और बाढ़ की वजह से कई इलाकों में भारी लगातार आ रही हैं. इसी के मद्देनजर गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को लेकर ये दावा किया जा रहा है. 

हाल ही में, महाराष्ट्र के राजकोट जिले के सिंधुदुर्ग में 26 अगस्त को बारिश के चलते छत्रपती शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिर गई थी. सिर्फ 8 महीने पहले ही इस मूर्ति का उद्घाटन पीएम मोदी ने किया था. इसी संदर्भ में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में दरार पड़ने के दावे किये जा रहे हैं.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में दरार आने का दावा सही नहीं है. ये तस्वीर अक्टूबर 2018 की है, जब मूर्ति का निर्माण चल रहा था.

कैसे पता चली सच्चाई?

कीवर्ड सर्च करने पर हमें राष्ट्रीय और गुजरात के क्षेत्रीय न्यूज पोर्टल्स में ऐसी कोई खबर नहीं मिली जिसमें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में दरार पड़ने का जिक्र किया गया हो.

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इसके बाद हमने वायरल तस्वीर को रिवर्स सर्च के जरिये खोजा तो हमें ये तस्वीर 2018 की कई में मिली. यहां ये बात तो साफ हो गई कि जिस तस्वीर को शेयर करके स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में दरार आने की बात कही जा रही है, वो तस्वीर कम से कम छह साल पुरानी है.

"न्यूयॉर्क टाइम्स" की 31 अक्टूबर 2018 की  में भी वायरल तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था. इसके साथ जानकारी दी गई है कि ये तस्वीर 18 अक्टूबर 2024 को मूर्ति के निर्माण कार्य में लगे मजदूरों की है. साथ ही तस्वीर खींचने वाले फोटोग्राफर का नाम दिव्यकांत सोलंकी बताया गया है.

हमने दिव्यकांत सोलंकी से संपर्क किया. दिव्यकांत ने हमें बताया कि उन्होंने ये तस्वीर 18 अक्टूबर 2018 को खींची थी. उन्होंने बताया कि ये तस्वीर यूरोपियन प्रेसफोटो एजेंसी (ईपीए) के लिए खींची थी. हमें ईपीए इमेजेस की पर भी दिव्यकांत की तस्वीर मिली. यहां ये बात साफ हो जाती है कि वायरल तस्वीर स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के उद्घाटन से भी पहले की है.  पीएम मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को किया था.

इसके बाद हमने आजतक के नर्मदा संवाददाता नरेंद्र पेपरवाला से संपर्क किया. नरेंद्र ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में दरार आने की बात से साफ इनकार किया और कहा कि वायरल तस्वीर अभी की नहीं, बल्कि मूर्ति के निर्माण के समय की है. नरेंद्र ने हमें मूर्ति की 9 सितंबर 2024 को खींची गई तस्वीरें भी भेजीं. वायरल तस्वीर वाले एंगल से ही खींची गई इस तस्वीर में देखा जा सकता है कि मूर्ति के बायें पैर में न कोई दरार है, न ही कोई मजदूर वहां काम कर रहे हैं.

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नरेंद्र ने आगे बताया कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर हर रोज लोगों का जमघट लग रहा है और यहां कोई निर्माण कार्य अभी नहीं चल रहा. हमने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का आधिकारिक और को भी देखा. यहां भी मूर्ति में दरार आने या निर्माण कार्य होने की कोई जानकारी नहीं दी गई है.

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इनपुट्स: नरेंद्र पेपरवाला, आजतक संवाददाता, नर्मदा जिला

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