फैक्ट चेक: कोरोना संक्रमण के चलते डॉक्टर की मौत से जुड़ी यह वायरल पोस्ट है फर्जी

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एक 28 वर्षीय डॉक्टर मनीषा पाटिल की मौत हो गई. डॉ मनीषा कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज कर रही थीं, जिसके दौरान उनको भी संक्रमण हो गया. जानिए, वायरल पोस्ट की सच्चाई.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज करने के दौरान हुए संक्रमण से महाराष्ट्र की 28 वर्षीय डॉक्टर मनीषा पाटिल की मौत हो गई.
सच्चाई
वायरल तस्वीर उत्तर प्रदेश के कानपुर की डॉ ऋचा राजपूत की है. डॉ ऋचा स्वस्थ हैं और वे कोरोना के मरीजों का इलाज नहीं कर रही हैं.

अर्जुन डियोडिया

  • नई दिल्ली,
  • 27 अप्रैल 2020,
  • अपडेटेड 1:31 PM IST

सोशल मीडिया पर दो तस्वीरों के साथ एक पोस्ट वायरल हो रही है. इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि महाराष्ट्र में एक 28 वर्षीय डॉक्टर मनीषा पाटिल की मौत हो गई. डॉ मनीषा कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज कर रही थीं, जिसके दौरान उनको भी संक्रमण हो गया.

इस पोस्ट में इस्तेमाल एक तस्वीर में गले में आला लटकाए एक महिला दिख रही है और दूसरी तस्वीर में एक महिला और एक पुरुष अस्पताल में मरीजों वाली पोशाक में दिख रहे हैं.

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इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि इन तस्वीरों के साथ किया जा रहा दावा गलत है. वायरल तस्वीरें उत्तर प्रदेश के कानपुर की डॉ ऋचा राजपूत की हैं. ऋचा फिलहाल स्वस्थ हैं और वे कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज नहीं कर रही हैं.

फेसबुक पेज के अलावा अन्य कई यूजर्स ने गलत दावे के साथ यह पोस्ट शेयर की है. स्टोरी लिखे जाने तक इस पोस्ट पर 30 हजार से ज्यादा लाइक हैं और इसे 1200 से ज्यादा बार शेयर किया जा चुका है. पोस्ट का देखा जा सकता है.

पोस्ट में तस्वीरों के साथ हिंदी में लिखा गया है, “बहुत दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि महाराष्ट्र की रहने वाली 28 वर्षीय डॉक्टर मनीषा पाटील की कल कोरोना बिमारी से मौत हो गई. मनीषा ने काफी लोगों की जांच कर उन्हें स्वस्थ किया था लेकिन वे खुद को ना बचा सकीं. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे.”

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यह और पर खूब वायरल हो रही है.

AFWA की पड़ताल

रिवर्स सर्च और कीवर्ड्स की मदद से हमें पता चला कि वायरल तस्वीर जो ​महिला दिख रही हैं, वे ऋचा राजपूत हैं. AFWA ने डॉ ऋचा राजपूत से संपर्क किया.

ऋचा ने बताया कि वायरल पोस्ट में इस्तेमाल तस्वीर उन्हीं की है. उन्होंने कहा कि फिलहाल वे ठीक-ठाक हैं और कानपुर में अपने घर पर हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वे एक होम्योपैथी डॉक्टर हैं और मौजूदा लॉकडाउन के दौरान सामान्य चिकित्सा सलाह लेने वालों की ऑनलाइन मदद कर रही हैं.

डॉ ऋचा ने स्पष्ट किया कि वे कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज नहीं कर रही हैं. इस महामारी के दौरान स्वैच्छिक रूप से हेल्थ वर्कर्स की मदद कर रही हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वे उत्तर प्रदेश में बीजेपी मेंबर हैं और समाजसेवा से भी जुड़ी हैं.

डॉ ऋचा की वायरल तस्वीर के बारे में उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल को #BlueTwitter ट्रेंड के तहत उन्होंने दो फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की थीं. वहीं से उनकी फोटो लेकर किसी ने गलत दावे के साथ शेयर किया है जो वायरल हो गई हैं. ऋचा का कहना है कि ये तस्वीरें कोरोना वायरस फैलने के दौरान नहीं खींची गई हैं, बल्कि पुरानी हैं.

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इस तरह पड़ताल से साफ है कि वायरल हो रही पोस्ट फर्जी है. वायरल पोस्ट में इस्तेमाल फोटो कानपुर की डॉक्टर ऋचा राजपूत की है जो कि पूरी तरह स्वस्थ हैं.

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