फैक्ट चेक: मेट्रो के सामने आरती और पूजा का ये वीडियो जापान का नहीं, भारत का है

वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए कुछ यूजर्स लिख रहे हैं कि जापान भले ही तकनीक और विज्ञान में आगे हो, लेकिन वो सनातन धर्म के रीति-रिवाजों का पालन करता है. कई लोगों का कहना है कि यह नजारा जापान का है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
जापान के इस वीडियो को देखकर समझा जा सकता है कि वहां के लोग सनातन धर्म में कितना विश्वास करते हैं.
सच्चाई
ये मार्च 2024 का बेंगलुरु का वीडियो है जब वहां मेट्रो की येलो लाइन का ट्रायल चल रहा था.

ऋद्धीश दत्ता

  • नई दिल्ली,
  • 02 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 5:42 PM IST

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें फूलों से सजी हुई नई मेट्रो ट्रेन के सामने कुछ विदेशी नागरिकों को आरती करते और नारियल फोड़ते हुए देखा जा सकता है. कई लोगों का कहना है कि यह नजारा जापान का है.

वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए कुछ यूजर्स लिख रहे हैं कि जापान भले ही तकनीक और विज्ञान में आगे हो, लेकिन वो सनातन धर्म के रीति-रिवाजों का पालन करता है. कैप्शन में लिखा है, "जापान टेक्नोलॉजी और विज्ञान में बहुत मानता है. लेकिन आज वो भी सनातन धर्म के आगे नतमस्तक है. कुछ विधर्मी वीडियो देख विचलित हो सकते है."

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इसी तरह के कैप्शन के साथ ये वीडियो फेसबुक पर भी वायरल है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो जापान का है और न ही इसमें दिख रहे लोग जापानी हैं. दरअसल, यह वीडियो बेंगलुरु मेट्रो का है. 

कैसे पता लगाई सच्चाई?

वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को गूगल लेंस से रिवर्स सर्च करने पर ये हमें ‘HK_Footage_Pro’ नाम के एक यूट्यूब चैनल पर मिला. 9 मार्च, 2024 को अपलोड किए गए इस वीडियो के कैप्शन में इसे बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन का बताया गया है.

वीडियो में मेट्रो के ऊपर लगे डिजिटल साइनबोर्ड पर इंग्लिश में ‘Welcome to Bangalore Metro’ लिखा दिखाई देता है. जाहिर है, ये वीडियो जापान का नहीं है.

वीडियो में आरती करते दिख रहे लोगों की शर्ट के पीछे अंग्रेज़ी में ‘CRRC’ लिखा नजर आता है. कीवर्ड सर्च करने पर हमें फरवरी 2024 में छपी ‘डेक्कन हेराल्ड’ की एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु मेट्रो की इन बोगियों का निर्माण चीन की सरकारी कंपनी चाइना रेलवे रोलिंग स्टॉक कॉरपोरेशन (CRRC) ने किया है. CRRC कंपनी दुनिया भर में ट्रेन और मेट्रो कोच निर्माण के लिए जानी जाती है. रिपोर्ट में बताया गया है कि ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन फरवरी 2024 में बेंगलुरु के हेब्बागोडी डिपो पहुंची थी, जहां चीनी इंजीनियरों की निगरानी में इसका ट्रायल रन किया गया था .

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‘मेट्रो रेल न्यूज’ की 9 मार्च, 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु मेट्रो की येलो लाइन पर 7 मार्च को ट्रायल रन किया गया था. इस दौरान बेंगलुरु दक्षिण से बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या भी मौजूद थे. उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर इस ट्रायल रन से जुड़े फोटो और वीडियो शेयर किए थे, जिनमें CRRC के चीनी इंजीनियर भी दिखाई देते हैं.

बेंगलुरु मेट्रो की आरवी रोड से बोम्मासांद्रा तक 19.15 किलोमीटर लंबी येलो लाइन का उद्घाटन अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.
कुल मिलाकर साफ है कि बेंगलुरु मेट्रो के ट्रायल रन के दौरान चीनी इंजीनियरों द्वारा की गई आरती का वीडियो, सोशल मीडिया पर जापान का बताकर शेयर किया जा रहा है.

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