फैक्ट चेक: केरल में हिंदुओं को धमकाती मुस्लिमों की भीड़ का नहीं, ये वीडियो कहीं और का है 

सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय की भीड़ का एक वीडियो केरल का बताकर वायरल किया जा रहा है, जिसमें दावा है कि नई सरकार बनने के बाद मुसलमान हिंदुओं को धमकी दे रहे हैं. आजतक फैक्ट चेक में यह दावा पूरी तरह झूठा साबित हुआ है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये वीडियो केरल का है जहां मुस्लिमों की भीड़ ने खुलेआम हिंदुओं को मारने की धमकी दे दी
सच्चाई
ये वीडियो केरल का नहीं बल्कि राजस्थान की अजमेर शरीफ दरगाह के सामने का है.

अभिषेक पाठक

  • नई दिल्ली,
  • 20 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:18 PM IST

किसी सड़क पर बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर नारे लगाते मुस्लिमों का एक वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर खूब वायरल है. कुछ लोग इसे केरल का बताकर दावा कर रहे हैं कि नई सरकार बनने के बाद इन मुसलमानों ने खुलेआम हिंदुओं को मारने की धमकी दे डाली. वीडियो में मुस्लिम समुदाय के लोग “या हुसैन, या हुसैन” के नारे लगाते दिखते हैं. 

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वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “केरल में मुसलमानों के समर्थन से सरकार बनने की घोषणा के बाद भड़काऊ बयानबाजी तेज! हिंदुओं को नाम लेकर काटने की धमकी देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है.”

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो केरल का नहीं, बल्कि राजस्थान के अजमेर का है.

कैसे पता की सच्चाई?


वीडियो को गौर से देखने पर एक जगह “दरगाह ख्वाजा साहब, अजमेर” लिखा हुआ एक बोर्ड नजर आता है. वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये सैयद सिफात अली चिश्ती नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला. यहां इसे 28 अप्रैल को पोस्ट किया गया था.

 

पोस्ट के मुताबिक ये वीडियो राजस्थान के अजमेर का है. अकाउंट पर मौजूद फोन नंबर पर संपर्क करने पर हमारी बात सैयद सिफात अली से हुई. उन्होंने बताया कि ये वीडियो अजमेर शरीफ दरगाह के बाहर का है और उन्होंने खुद इसे रिकार्ड किया है.

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सैयद ने बताया कि ये भीड़ जायरीन के एक जत्थे की है जो अपने एक पूरे ग्रुप के साथ अजमेर शरीफ दरगाह में दर्शन करने और चादर चढ़ाने आए थे. जायरीन ऐसे लोगों को कहा जाता है, जो इस्लाम के पवित्र धार्मिक स्थलों, खास तौर पर सूफी संतों की दरगाहों या मजारों की यात्रा (जियारत) करने जाते हैं.

सैयद सिफात अली की इंस्टाग्राम प्रोफाइल के मुताबिक वो यहां एक खादिम हैं. खादिम का काम किसी दरगाह या मजार जैसे धार्मिक स्थल की देखरेख करना और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की मदद करना होता है. उनके चैनल पर दरगाह के कई वीडियो देखे जा सकते हैं.

साफ है कि अजमेर के वीडियो को केरल का बताकर भ्रम फैलाया जा रहा है.  

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